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Himachal News: बाबा बालक नाथ मंदिर में भोग योजना को मंजूरी, FSSAI ने जारी किया प्रमाण पत्र; ऑडिट के बाद मंजूरी
Wed, 26 Mar 2025 09:30 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 26 Mar 2025 09:30 PM IST
सार
सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में भोग योजना को एफएसएसएआई की मंजूरी मिल गई है। एफएसएसएआई के भोग योजना में शामिल धार्मिक स्थानों में लंगर, प्रसाद से लेकर अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाता है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में भोग योजना को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की मंजूरी मिल गई है। कुछ दिने पहले ही एफएसएसएआई से मान्यता प्राप्त एजेंसी ने मंदिर परिसर का दौरा कर भोग योजना के तहत ऑडिट किया था। इस योजना को यहां पर लागू करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग हमीरपुर की ओर से प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया था। तमाम औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद अब मान्यता मिल गई है।
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भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के भोग योजना में शामिल धार्मिक स्थानों में लंगर, प्रसाद से लेकर अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाता है। भोग के तहत पंजीकृत धार्मिक स्थानों में खाद्य सामग्री को सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में बाबा बालक नाथ मंदिर के इस योजना में शामिल होना खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए उपलब्धि है।
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पिछले वर्ष नवंबर में बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की कैंटीन में बने रोट का सैंपल फेल हो गया था। यहां पर एक अन्य दुकान में बने रोट का सैंपल भी फेल हुआ था। ऐसे में तुरंत प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में कदम उठाए। नवंबर में ही खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक बाबा बालक नाथ ट्रस्ट के कमिश्नर एवं डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में भोग योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से यहां पर रोट बनाने वाले दुकानदारों को प्रशिक्षण दिया गया। इस योजना के तहत रोट बनाने वाले दुकानदारों को स्वास्थ्य संबंधी कार्ड दिए जाएंगे और सर्टिफिकेशन की जाएगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से पूजा स्थलों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजना है। बाबा बालक नाथ मंदिर में इन दिनों चैत्र मास मेले लगे हुए हैं। इन मेलों के बीच मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह अच्छी खबर है।
भोग योजना के तहत आवेदन किया गया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इससे मंदिर में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित होगी- अमरजीत सिंह, न्यास कमिश्नर बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट एवं डीसी हमीरपुर
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से यहां पर रोट बनाने वाले दुकानदारों को प्रशिक्षण दिया गया। इस योजना के तहत रोट बनाने वाले दुकानदारों को स्वास्थ्य संबंधी कार्ड दिए जाएंगे और सर्टिफिकेशन की जाएगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से पूजा स्थलों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजना है। बाबा बालक नाथ मंदिर में इन दिनों चैत्र मास मेले लगे हुए हैं। इन मेलों के बीच मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह अच्छी खबर है।
भोग योजना के तहत आवेदन किया गया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इससे मंदिर में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित होगी- अमरजीत सिंह, न्यास कमिश्नर बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट एवं डीसी हमीरपुर