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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: समय पर वेतन और पेंशन नहीं देने पर सीएम सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम में नोकझोंक

Wed, 04 Sep 2024 07:48 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 04 Sep 2024 07:48 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच बुधवार को सदन में तीखी नोकझोंक हुई। व्यवस्था के प्रश्न के मुद्दे को उठाते हुए बुधवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चार तारीख हो गई और वेतन व पेंशन नहीं आई है। 

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Himachal Assembly Monsoon Session Clash between Sukhu and Jairam over not paying salary and pension on time
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में समय पर वेतन और पेंशन नहीं देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच बुधवार को सदन में तीखी नोकझोंक हुई। जयराम ठाकुर ने कहा कि कब तक मोदी और जयराम को दोष देंगे। हमारे समय में समय पर वेतन-पेंशन मिलती रही है। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 10-10 करोड़ रुपये आय कर देने वालों को भी मुफ्त बिजली दी गई। रेवड़ियां तो उन्होंने बांटीं, हमने तो 20 प्रतिशत अर्थव्यवस्था को ठीक कर दिया है।

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व्यवस्था के प्रश्न के मुद्दे को उठाते हुए बुधवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चार तारीख हो गई और वेतन व पेंशन नहीं आई है। आज भी इस विषय को नियम-130 में चर्चा के लिए नहीं लगाया गया है। यह महत्वपूर्ण विषय है। वे चाह रहे थे कि नियम-67 में यह मामला उठाया जाए। अभी तक वेतन नहीं आया। पेंशन भी खाते में नहीं आई। सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट करें। कर्मचारी संकट के दौर से गुजर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कब तक मोदी और जयराम को दोष देंगे। हमारे समय में समय पर वेतन-पेंशन मिलती रही। बाद में अनावश्यक लोन लिए गए। इस जिम्मेवारी को स्वीकार करना चाहिए। यह सारी बातों का विषय नहीं है। इस पर सीएम की ओर से जवाब तब हो, जब चर्चा हो।
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सुक्खू बोले - आपने जो पूछा है उसका जवाब दूं कि नहीं। दो साल के लिए तीन महीने बाकी हैं। जब सवाल करते हैं तो जवाब आने ही चाहिए। सीएम ने आगे कहा कि 2018-19, 2019-20 और 2021-21 में राजस्व सरप्लस के बावजूद महंगाई भत्ते को आगे टालते रहे। चुनाव जब आए तो छह महीने पहले कहा कि मुफ्त पानी देंगे। उसके बाद कहा कि मुफ्त बिजली देंगे। 10-10 करोड़ रुपये आयकर देने वालों को भी मुफ्त बिजली दी गई। रेवड़ियां तो उन्होंने बांटी। हमने तो 20 प्रतिशत अर्थव्यवस्था को ठीक कर दिया है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आज वे कर्मचारी हितैषी बने हुए हैं, जो पहले नहीं थे। इसे स्पष्टता से बताना चाहिए कि जिसे अब तक यह लोग छिपाते रहे, हम उसे जनता में ले जाते रहे हैं। 2027 में हिमाचल स्वाबलंबी राज्य होगा और 2032 में सबसे समृद्धशाली प्रदेश बनेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में राज्य सरकार इस मामले में पहले बजट से चल रही है। जनता को साथ लेकर हिमाचल को आत्म निर्भर बनाना है। 2022 में जो आर्थिक संकट था, उससे आगे बढ़कर आर्थिक अनुशासन की ओर बढ़ रहे हैं।

सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को इस महीने पांच तारीख वेतन और पेंशन को 10 सितंबर को पेंशन दी जाएगी। अब पहली तारीख के बजाय 5 और 10 को देने का मुख्य कारण यह है कि सरकार विवेकपूर्ण तरीके से ब्याज बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन और पेंशन पर साल में 24 हजार करोड़ खर्च किए जाते हैं। कई कर्मचारी ईएमआई चुकाने की बात कर रहे हैं। अगले महीने कोशिश करेंगे कि पहली तारीख को मिल जाए। आरडीजी के आने तक तीन करोड़ अतिरिक्त क्यों खर्चे। हमने पहली बार जनता को बताने की कोशिश की है। राज्य में किसी भी तरह का आर्थिक संकट नहीं है। आने वाले समय में कड़े फैसले लिए जाएंगे। राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव से पहले जो घोषणा कर लेते हैं। उसका कोई लाभ नहीं होगा।

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