Himachal Assembly: जयराम बोले- पेंशन मोदी ने नहीं रोकी, सीएम का पलटवार- प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया
सोमवार को सदन में हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि पेंशन मोदी ने रोकी है। जयराम ने कहा कि अगर हिमाचल का पैसा दिल्ली में पड़ा है तो उसे लेकर आएंगे पर सरकार बताए तो सही कहां पड़ा है। इस पर सीएम सुक्खू ने पलटवार किया।
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जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि आर्थिक संकट है या नहीं। नया वित्तीय वर्ष शुरू होगा तो छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले सकेंगे। वेतन-पेंशन का संकट बना रहेगा। सीएम कहते हैं कि 2027 तक प्रदेश सबसे अमीर राज्य बनेगा। यह स्पष्ट नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वेतन पांच और पेंशन 10 तारीख को देने से यह स्थिति बनी है कि सरकार अपने बूते वेतन और पेंशन देने की हालत में नहीं है। प्रदेश का 40 प्रतिशत बजट कर्मचारियों और पेंशनरों को जाता है। यह सरकार लगातार पिछली सरकार को दोषी ठहरा रही है। जब जयराम सरकार सत्ता में आई तो 48 हजार करोड़ रुपये का कर्ज पिछली कांग्रेस सरकार छोड़कर चली गई थी। सही मायने में प्रदेश अगर आर्थिक रूप से पटरी से उतरा है तो यह 1993 से 1998 के बीच हुआ, जबकि उस समय कोई ऐसा आर्थिक संकट नहीं था। आने वाले समय में हालात और खराब होने जा रहे हैं। विकास के लिए बजट बचाना मुश्किल हो जाएगा। 2024-25 में विकास का बजट केवल 28 प्रतिशत रह गया और अब तो इससे भी कम हो गया है।
इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि जब इनकी सरकार आई तो 48 हजार करोड़ रुपये लोन लिया गया था, तो यह 40 हजार करोड़ रुपये कैसे बढ़ गया। इस पर जयराम ने कहा कि सीमा से कम लोन लिया गया। 2012 से 2017 तक कांग्रेस की सरकार रही। उनके अपने समय में लोन लेने में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही, जो पिछली कांग्रेस सरकार में 60 प्रतिशत थी। जयराम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 2810 करोड़ रुपये का कर्ज भविष्य निधि के विरुद्ध भी लिया है। अगर सबको मिलाया जाए तो 24 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। हिमाचल प्रदेश 90 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के नीचे है। वर्तमान सरकार को एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज तक पहुंचने का श्रेय जाने वाला है।
जयराम ने कहा कि सीएम कहते हैं कि एक तो जयराम और एक मोदी दोषी हैं। राजस्व घाटा अनुदान के तहत हिमाचल प्रदेश को जो हिस्सा मिला है, वह बाकी राज्यों की तुलना में अच्छा मिला है। अगले साल तो यह 3 हजार कराेड़ रुपये से भी कम आएगा तो गाड़ी कैसे चलेगी। जीएसटी शेयर कम करने की बात की जा रही है। अगर अध्ययन किया जाएगा तो उसमें पूरे देश के लिए यह निर्णय हुआ था कि जून 2022 के बाद जीएसटी प्रतिपूर्ति का पैसा कम हुआ है। भाजपा सरकार ने पंजाब पे स्केल को लागू हुआ। उसकी देनदारियां चरणबद्ध तरीके से होती हैं। कर्मचारियों के पैसे के बारे में पीएफआरडीए ने स्पष्ट किया हुआ है। यह कर्मचारियों का पैसा है, जो उन्हें मिलेगा। इससे मना कौन कर रहा है। पांच साल तक सत्ता चलाई पर यह रोना कभी नहीं किया। हमने काम भी किया और कर्मचारियों की पेंशन भी दी।
सीपीएस की कुर्सी बचाने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च कर दिए कांग्रेस सरकार ने
जनवरी 2016 में जब नया वेतन लागू हुआ। हमने 50-50 हजार रुपये दिए। यह देनदारी है, मगर कांग्रेस सरकार की जिम्मेवारी है। महंगाई भत्ता भी समय पर दिया और इसके अलावा अन्य लाभ भी। सीपीएस की कुर्सी बचाने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च कर दिए। मंत्री और सीपीएस दो महीने की सैलरी विलंबित करके लेंगे। चेयरमैन और ओएसडी कैबिनेट रैंक के बना दिए। शुरुआत अपने से करनी चाहिए, लोग ऐसा कह रहे हैं। जहां 30 हजार मिलता था, वहां एक लाख 30 हजार बढ़ा दिया।