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Himachal News: ग्लेशियर पिघलने से कुगति के पास फंसीं 2500 भेड़-बकरियां, रेस्क्यू में जुटा प्रशासन
Sat, 14 Jun 2025 06:19 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 14 Jun 2025 06:19 PM IST
सार
जिला चंबा के भरमौर के कुगति-जोत क्षेत्र में करीब ढाई हजार भेड़-बकरियां पहाड़ की दूसरी ओर फंस गई हैं। बता दें कि ग्लेशियर नीचे खिसक जाने से जोत का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। पढ़ें पूरी खबर...
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भरमौर के कुगति-जोत क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने से रास्ता कट जाने के कारण फंसीं भेड़-बकरियां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
भरमौर के कुगति-जोत क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने से रास्ता बंद होने से करीब ढाई हजार भेड़-बकरियां पहाड़ की दूसरी ओर फंस गई हैं। ये भेड़-बकरियां भरमौर परिक्षेत्र के भेड़पालकों की हैं, जो गर्मियों में लाहौल-स्पीति की ओर अपनी भेड़-बकरियों को चराने ले जाते हैं। ग्लेशियर नीचे खिसक जाने से जोत का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे दो भेड़ पालकों की लगभग साढ़े चार सौ भेड़-बकरियां एक ओर और बाकी दूसरी ओर फंस गई हैं।
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गौरतलब है कि हर वर्ष गर्मियों के मौसम में दर्जनों भेड़पालक कुगति, काली छो, बन्नी और चोबिया जोत से होकर लाहौल-स्पीति व पांगी की ऊंची पहाड़ियों में अपने पशुओं को चराने ले जाते हैं। दो महीने तक ये लोग इन दुर्गम क्षेत्रों में रहते हैं और फिर इन्हीं दर्रों से निचले क्षेत्रों की ओर लौटते हैं। भेड़पालक जिगरी राम ने बताया कि ग्लेशियर खिसकने से रास्ता कट गया है, जिससे कुछ भेड़-बकरियां लाहौल-स्पीति की तरफ निकल गई हैं, जबकि बाकी भरमौर क्षेत्र में ही रह गई हैं।
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जानकारी मिलते ही प्रशासन ने एक विशेष रेस्क्यू टीम घटनास्थल की ओर रवाना कर दी गई है, जो फंसे जानवरों और भेड़पालकों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करेगी। स्थानीय लोगों और भेड़पालकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए भविष्य में रास्ता बहाल करने, अस्थायी पुल या अन्य वैकल्पिक उपाय किए जाएं। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मुंशी कपूर का कहना है कि ग्लेशियर गिरने से करीब अढाई हजार भेड़-बकरियां फंसी हैं। कहा कि रेस्क्यू टीम भेजी गई है।
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