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नशे में फंसकर जिंदगी बर्बाद न करें युवा, तस्करों की दें सूचना : हीरेमठ
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18 वर्ष से कम आयु वाले युवाओं का वाहन चलाना कानूनी अपराध, माता-पिता होंगे आरोपी
एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर किया जागरूक
बड़सर स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर समाज में कोई भी नशे की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी जानकारी पुलिस को अवश्य दें, ताकि इसकी समय पर रोकथाम की जा सके। युवा नशे की बीमारी को दूर भगाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सरला ठाकुर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली बातों को भविष्य में अमल लाने के बारे में कहा। वहीं, सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करते हुए क्रिप्टो करंसी के बारे में बताया। कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें। विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन का अनुरोध किया। 18 वर्ष से कम आयु वाले युवाओं का वाहन चलाना कानूनी अपराध है। यदि इस दौरान कोई भी घटना घटित हो जाती है तो इसमें युवाओं के माता-पिता आरोपी होंगे। जो भी दुर्घटना के दौरान क्लेम होगा, उनके माता-पिता से जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा। यहां तक कि कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है तो सजा का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि नशे की लत में फंसकर युवा अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। इसका परिणाम आगामी भविष्य में बहुत भयानक होगा। विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अगर दुकान के बाहर कहीं पर कोई नशा या स्कूल के दायरे में नशा बेच रहा है तो इसकी सूचना भी पुलिस को अवश्य दें।इस मौके पर समस्त स्कूल स्टाफ उपस्थित रहा।
बाक्स:
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने नशे से बचाव और इसके निवारण के बारे में अहम जानकारियां साझा की। इससे जिंदगी में नशे से दूर रहने की सीख मिली है।
अजय कुमार, छात्र।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक स्तंभ की तरह कार्य करता है। इसमें एक साथ कई मुुद्दों पर जागरूक किया जाता है।
अंशित, छात्र।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में यातायात नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यातायात नियमों की अवहेलना पर मिलने वाली सजा और जुर्माने के बारे में बताया गया। भविष्य में नियमों का अनुसरण करूंगी।
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अंशिका, छात्रा।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव के बारे में कई जानकारियां प्रदान की गईं। इसे अपने आस पड़ोस में भी साझा करूंगी। स्कूलों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
अंजलि, छात्रा।
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एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर किया जागरूक
बड़सर स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर समाज में कोई भी नशे की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी जानकारी पुलिस को अवश्य दें, ताकि इसकी समय पर रोकथाम की जा सके। युवा नशे की बीमारी को दूर भगाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सरला ठाकुर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली बातों को भविष्य में अमल लाने के बारे में कहा। वहीं, सचिन हीरेमठ ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करते हुए क्रिप्टो करंसी के बारे में बताया। कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें। विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन का अनुरोध किया। 18 वर्ष से कम आयु वाले युवाओं का वाहन चलाना कानूनी अपराध है। यदि इस दौरान कोई भी घटना घटित हो जाती है तो इसमें युवाओं के माता-पिता आरोपी होंगे। जो भी दुर्घटना के दौरान क्लेम होगा, उनके माता-पिता से जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा। यहां तक कि कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है तो सजा का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि नशे की लत में फंसकर युवा अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। इसका परिणाम आगामी भविष्य में बहुत भयानक होगा। विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अगर दुकान के बाहर कहीं पर कोई नशा या स्कूल के दायरे में नशा बेच रहा है तो इसकी सूचना भी पुलिस को अवश्य दें।इस मौके पर समस्त स्कूल स्टाफ उपस्थित रहा।
बाक्स:
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने नशे से बचाव और इसके निवारण के बारे में अहम जानकारियां साझा की। इससे जिंदगी में नशे से दूर रहने की सीख मिली है।
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अजय कुमार, छात्र।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक स्तंभ की तरह कार्य करता है। इसमें एक साथ कई मुुद्दों पर जागरूक किया जाता है।
अंशित, छात्र।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में यातायात नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यातायात नियमों की अवहेलना पर मिलने वाली सजा और जुर्माने के बारे में बताया गया। भविष्य में नियमों का अनुसरण करूंगी।
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अंशिका, छात्रा।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव के बारे में कई जानकारियां प्रदान की गईं। इसे अपने आस पड़ोस में भी साझा करूंगी। स्कूलों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
अंजलि, छात्रा।