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राखी के पर्व के लिए महिलाओं ने की खूब खरीदारी
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स्थानीय बाजार हमीरपुर में रक्षाबंधन त्योहार के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। जिलाभर में रक्षाबंधन के त्योहार के लिए बुधवार को महिलाओं ने खूब खरीदारी की। महिलाएं सुबह ही बाजार में मेहंदी लगवाने और खरीदारी करने पहुंच गईं। दिनभर मनियारी, मिठाई, मेहंदी और कपड़ों की दुकानों पर भीड़ लगी रही। इस वर्ष बाजार में राखी 20 रुपये से लेकर 700 रुपये तक की कीमत पर उपलब्ध है।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से स्वयं सहायता समूहों के लिए बचत भवन में स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई है। दूसरी ओर मिठाइयों की दुकानों पर भी खूब भीड़ लगी रही। बर्फी के दाम 450 से 470 रुपये प्रति किलो, बेसन बर्फी के दाम 230 से 250 रुपये प्रति किलो और मोती चूर के लड्डू 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दुकानों पर बिके। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष खूब खरीदारी हुई। पिछले दो साल कोरोना का प्रकोप रहा था। दुकानदारों ने भी गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, अंबाला, कोलकाता से नए डिजाइनों की राखियां मंगवाई हैं। इन्हें महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं। महिलाओं संतोष कुमारी, सीमा ठाकुर, रेखा शर्मा, नीतू चौहान आदि ने कहा कि राखी के पर्व के लिए उन्होंने बुधवार को बाजार पहुंच कर खरीदारी की। अपने-अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की राखियां खरीदीं और मिठाइयां लीं। इस वर्ष राखी का मुहूर्त दो दिन होने की वजह से पहले ही खरीदारी कर ली।
12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
अवाहदेवी (हमीरपुर)। पंचाग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 11 और 12 अगस्त को है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार कब मनाया जाएगा, इस बात को लेकर लोगों में बड़ा संशय है। जौह गांव के पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा 11 अगस्त को सुबह 10:38 से शुरू होगी और 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी।
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11 अगस्त को सुबह से लेकर रात 8:53 बजे तक भद्रा काल का साया होने के कारण कुछ लोग 12 अगस्त को रक्षाबंधन को मनाने की बात कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि 11 अगस्त वीरवार को चंद्रमा मकर राशिस्थ एवं भद्रा पाताललोक में होने से भी भद्रा परिहार होगा। इसलिए 11 अगस्त को भद्रा के बाद प्रदोषकाल में रात 8:53 से 9:50 बजे भी रक्षा बंधन मनाया जा सकता है, लेकिन रात को रक्षाबंधन पर्व मनाने का प्रचलन नहीं है। पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान आदि में प्राचीनकाल से ही उदय व्यापिनी पूर्णिमा के दिन सुबह से ही रक्षाबंधन पर्व मनाने का प्रचलन है। इसलिए 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले-पहले रक्षाबंधन को मनाया जाएगा।
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जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से स्वयं सहायता समूहों के लिए बचत भवन में स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई है। दूसरी ओर मिठाइयों की दुकानों पर भी खूब भीड़ लगी रही। बर्फी के दाम 450 से 470 रुपये प्रति किलो, बेसन बर्फी के दाम 230 से 250 रुपये प्रति किलो और मोती चूर के लड्डू 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दुकानों पर बिके। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष खूब खरीदारी हुई। पिछले दो साल कोरोना का प्रकोप रहा था। दुकानदारों ने भी गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, अंबाला, कोलकाता से नए डिजाइनों की राखियां मंगवाई हैं। इन्हें महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं। महिलाओं संतोष कुमारी, सीमा ठाकुर, रेखा शर्मा, नीतू चौहान आदि ने कहा कि राखी के पर्व के लिए उन्होंने बुधवार को बाजार पहुंच कर खरीदारी की। अपने-अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की राखियां खरीदीं और मिठाइयां लीं। इस वर्ष राखी का मुहूर्त दो दिन होने की वजह से पहले ही खरीदारी कर ली।
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12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
अवाहदेवी (हमीरपुर)। पंचाग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 11 और 12 अगस्त को है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार कब मनाया जाएगा, इस बात को लेकर लोगों में बड़ा संशय है। जौह गांव के पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा 11 अगस्त को सुबह 10:38 से शुरू होगी और 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी।
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11 अगस्त को सुबह से लेकर रात 8:53 बजे तक भद्रा काल का साया होने के कारण कुछ लोग 12 अगस्त को रक्षाबंधन को मनाने की बात कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि 11 अगस्त वीरवार को चंद्रमा मकर राशिस्थ एवं भद्रा पाताललोक में होने से भी भद्रा परिहार होगा। इसलिए 11 अगस्त को भद्रा के बाद प्रदोषकाल में रात 8:53 से 9:50 बजे भी रक्षा बंधन मनाया जा सकता है, लेकिन रात को रक्षाबंधन पर्व मनाने का प्रचलन नहीं है। पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान आदि में प्राचीनकाल से ही उदय व्यापिनी पूर्णिमा के दिन सुबह से ही रक्षाबंधन पर्व मनाने का प्रचलन है। इसलिए 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले-पहले रक्षाबंधन को मनाया जाएगा।