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Hamirpur (Himachal) News: सूखे जैसे हालात से 25 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल प्रभावित
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बारिश न होने की वजह से मुरझाई गेंहू की फसल
हमीरपुर। सूखे जैसे हालात से जिले में रबी की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। जिले में 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल की बिजाई होती है। बारिश न होने से 25 हजार हेक्टेयर भूमि में बीजी गई फसल को नुकसान पहुंचा है। 40 से 50 फीसदी के लगभग फसल बर्बाद हो गई है। किसानों को 10 हजार करोड़ के करीब नुकसान का आकलन बताया जा रहा है। कृषि विभाग हमीरपुर के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों की मानें तो एक-दो दिन में यदि बारिश नहीं होती है तो सूखी और पीली पड़ी गेहूं की फसल का रिकवर होना भी मुश्किल होगा। यही नहीं सूखे जैसे हालात से सभी प्रकार के पौधरोपण कार्यों पर भी प्रभाव पड़ा है। कृषि और रेशम कीट पालन पर इसका प्रभाव देखने को मिला है। जहां खेतों में गेहूं की फसल सूख रही है, वहीं सर्दियों में होने वाला पौधरोपण भी प्रभावित हो गया है। रेशम कीट पालन विभाग की एक निजी नर्सरी में बीस हजार शहतूत के पौधे नहीं बिक पाए हैं। छह रुपये प्रति पौधे के हिसाब से रेशम कीट पालकों को प्रदान किए जाते थे। जिला में 1600 रेशम कीट पालकों को इस नर्सरी से पौधों की सप्लाई विभाग करता था। सभी पौधे सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। इससे नर्सरी मालिक को काफी नुकसान हुआ है। जिले में 6 हजार हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई की व्यवस्था रहती है। बाकी भूमि पर किसी प्रकार की सिंचाई व्यवस्था नहीं है। किसानों को बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
नहीं बिके 20 हजार पौधे
जिला रेशम कीट पालन विभाग के निरीक्षक मदन लाल ने बताया कि जिले की एक निजी नर्सरी से शहतूत के पौधे रेशम कीट पालकों को प्रदान किए जाते थे। इस बार 1600 रेशम कीट पालकों में से एक भी पालक ने कोई भी पौधा नहीं खरीदा है।
कोट
जिला कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक सुरेश धीमान ने बताया कि सर्दियों में बारिश न होने से 40 से 50 फीसदी के लगभग फसल बर्बाद हो गई है। छह हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की व्यवस्था होने से यहां गेहूं की फसल को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।
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नहीं बिके 20 हजार पौधे
जिला रेशम कीट पालन विभाग के निरीक्षक मदन लाल ने बताया कि जिले की एक निजी नर्सरी से शहतूत के पौधे रेशम कीट पालकों को प्रदान किए जाते थे। इस बार 1600 रेशम कीट पालकों में से एक भी पालक ने कोई भी पौधा नहीं खरीदा है।
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कोट
जिला कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक सुरेश धीमान ने बताया कि सर्दियों में बारिश न होने से 40 से 50 फीसदी के लगभग फसल बर्बाद हो गई है। छह हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की व्यवस्था होने से यहां गेहूं की फसल को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।
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