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Hamirpur (Himachal) News: मैहरे-ऊना हाईवे पर जलभराव, दुकानों में घुस रहा बारिश का पानी
Fri, 18 Sep 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:30 AM IST
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मैहरे बाजार में सड़क किनारे जमा हुआ पानी। स्रोत : जागरूक पाठक
बड़सर (हमीरपुर)। मैहरे-ऊना हाईवे-503 ए पर बरसात के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। मैहरे बाजार में बारिश होते ही हाईवे पर पानी जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। कई बार पानी दुकानों तक पहुंचने से दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
तेज बारिश के दौरान हाईवे पर जलभराव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। वाहनों के गुजरने पर जमा पानी दुकानों और राहगीरों की ओर उछलता है। वहीं, सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से फिसलन बढ़ जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है।
जलभराव के कारण हाईवे पर यातायात के लिए उपलब्ध जगह भी कम हो जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान हर वर्ष यह समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने विभाग से जल्द उचित कदम उठाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बारिश का पानी हाईवे पर जमा न हो और दुकानों तक भी न पहुंचे।
कोट:
सड़क के दोनों ओर निजी लोगों की भूमि होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था बनाने के लिए भूमि मालिकों की सहमति जरूरी है। विभाग मौके का निरीक्षण कर चुका है और जेसीबी मशीन तथा मजदूर तैयार हैं। भूमि मालिकों की सहमति मिलते ही जल निकासी व्यवस्था का काम शुरू कर दिया जाएगा। -राजेश कुमार, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग
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तेज बारिश के दौरान हाईवे पर जलभराव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। वाहनों के गुजरने पर जमा पानी दुकानों और राहगीरों की ओर उछलता है। वहीं, सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से फिसलन बढ़ जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है।
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जलभराव के कारण हाईवे पर यातायात के लिए उपलब्ध जगह भी कम हो जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान हर वर्ष यह समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने विभाग से जल्द उचित कदम उठाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बारिश का पानी हाईवे पर जमा न हो और दुकानों तक भी न पहुंचे।
कोट:
सड़क के दोनों ओर निजी लोगों की भूमि होने के कारण जल निकासी की व्यवस्था बनाने के लिए भूमि मालिकों की सहमति जरूरी है। विभाग मौके का निरीक्षण कर चुका है और जेसीबी मशीन तथा मजदूर तैयार हैं। भूमि मालिकों की सहमति मिलते ही जल निकासी व्यवस्था का काम शुरू कर दिया जाएगा। -राजेश कुमार, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग