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Hamirpur (Himachal) News: स्कूलों में नहीं हुए छात्रों के यूरिन ड्रग टेस्ट, लौटाईं किटें
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हमीरपुर। शिक्षा हब हमीरपुर में विद्यार्थियों को नशे से बचाने के लिए शुरू किया गया यूरिन ड्रग टेस्ट अभियान विफल हो गया है। दो माह पूर्व 39 स्कूलों में यूरिन ड्रग टेस्ट किटों का वितरण किया गया था। हरेक स्कूल को एक-एक किट दी गई थी। इससे स्कूलों में विद्यार्थी नशा करते हैं या नहीं, इसकी जांच की जानी थी, लेकिन अब स्कूल प्रमुखों ने सीएमओ कार्यालय में किटों को बिना प्रयोग किए वापस भेज दिया है। इसके पीछे अभिभावकों की असहमति कारण बताया जा रहा है। ऐसे में अब स्कूलों में विद्यार्थियों के नशे के टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
दो माह पूर्व नशे की रोकथाम के लिए जिला समन्वय समिति का गठन डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में किया गया था। एनआईटी हमीरपुर में नशे की ओवरडोज के कारण हुई छात्र की मौत के बाद जिला समन्वय समिति गठित हुई थी। अब पूरा अभियान शून्य हो गया है। प्रथम चरण में जिले के 39 स्कूलों में यूरिन ड्रग टेस्ट प्रक्रिया को शुरू किया गया था। टेस्ट के लिए स्कूलों में गठित प्रहरी क्लबों के प्रभारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। टेस्ट के लिए अभिभावकों की असहमति के कारण स्कूलों में शुरू किया गया अभियान सफल नहीं हो पाया है। स्कूल प्रमुखों ने ये किटें सीएमओ कार्यालय को वापस भेज दी हैं। यूरिन ड्रग टेस्ट किट मुख्यत: हेरोइन, भांग, बेजोडाइपिन, एलॉक्स, ट्रेमाडॉल की जांच के लिए बनाई गई थी। एक किट की कीमत 240 रुपये बताई जा रही है।
ब्यान:
स्कूलों में विद्यार्थियों के यूरिन ड्रग टेस्ट के लिए टेस्ट किटें प्रदान की गई थीं। अभिभावकों की असहमति के चलते अब स्कूल प्रमुखों ने यूरिन ड्रग टेस्ट वापस सीएमओ कार्यालय में भेज दी हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
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अनिल कुमार कौशल उपनिदेशक उच्चत्तर शिक्षा विभाग हमीरपुर।
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दो माह पूर्व नशे की रोकथाम के लिए जिला समन्वय समिति का गठन डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में किया गया था। एनआईटी हमीरपुर में नशे की ओवरडोज के कारण हुई छात्र की मौत के बाद जिला समन्वय समिति गठित हुई थी। अब पूरा अभियान शून्य हो गया है। प्रथम चरण में जिले के 39 स्कूलों में यूरिन ड्रग टेस्ट प्रक्रिया को शुरू किया गया था। टेस्ट के लिए स्कूलों में गठित प्रहरी क्लबों के प्रभारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। टेस्ट के लिए अभिभावकों की असहमति के कारण स्कूलों में शुरू किया गया अभियान सफल नहीं हो पाया है। स्कूल प्रमुखों ने ये किटें सीएमओ कार्यालय को वापस भेज दी हैं। यूरिन ड्रग टेस्ट किट मुख्यत: हेरोइन, भांग, बेजोडाइपिन, एलॉक्स, ट्रेमाडॉल की जांच के लिए बनाई गई थी। एक किट की कीमत 240 रुपये बताई जा रही है।
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ब्यान:
स्कूलों में विद्यार्थियों के यूरिन ड्रग टेस्ट के लिए टेस्ट किटें प्रदान की गई थीं। अभिभावकों की असहमति के चलते अब स्कूल प्रमुखों ने यूरिन ड्रग टेस्ट वापस सीएमओ कार्यालय में भेज दी हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
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अनिल कुमार कौशल उपनिदेशक उच्चत्तर शिक्षा विभाग हमीरपुर।