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खुले में अंतिम संस्कार पर दख्योड़ा में हंगामा
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बिझड़ी (हमीरपुर)। विकास खंड बिझड़ी की सठवीं पंचायत के दख्योड़ा गांव में एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाकर शव का अंतिम संस्कार करवाया। शनिवार को सठवीं पंचायत के एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इसके चलते परिजन और गांव वाले शव का अंतिम संस्कार करने के लिए दख्योड़ा खड्ड किनारे ले आए।
जैसे ही लोगों ने वहां पर लकड़ियां इकट्ठी की तो वहां का एक स्थानीय व्यक्ति पहुंच गया और उसने हंगामा शुरू कर दिया। व्यक्ति का कहना था कि वह खुले में शव का अंतिम संस्कार नहीं होने देगा। उसने कहा कि यहां पर नजदीक ही पक्का श्मशान घाट बना है तो वहां पर शव का संस्कार किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि जो पक्का श्मशान घाट है उसकी छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और कभी भी गिर सकती है।
एहतियात के तौर पर शव का संस्कार श्मशान घाट के नजदीक ही खुले में करने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर हंगामा होते देख पुलिस भी पहुंच गई। तब कहीं जाकर शव का अंतिम संस्कार किया। हंगामा करने वाले व्यक्ति करम चंद ने बताया कि वह भूमि देने के लिए तैयार है और पक्के श्मशान घाट का निर्माण किया जाए। खुले में शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाए। इस संदर्भ में पंचायत प्रधान बलविंदर कौर का कहना है कि उन्हें भी दूरभाष के माध्यम से सूचना मिली थी कि वहां पर शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ है। लेकिन व्यक्ति को समझाकर अंतिम संस्कार करवा दिया गया। बिझड़ी पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि मौके पर पुलिस गई थी। लेकिन तब तक ग्रामीण और व्यक्ति आपस में मान गए थे और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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जैसे ही लोगों ने वहां पर लकड़ियां इकट्ठी की तो वहां का एक स्थानीय व्यक्ति पहुंच गया और उसने हंगामा शुरू कर दिया। व्यक्ति का कहना था कि वह खुले में शव का अंतिम संस्कार नहीं होने देगा। उसने कहा कि यहां पर नजदीक ही पक्का श्मशान घाट बना है तो वहां पर शव का संस्कार किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि जो पक्का श्मशान घाट है उसकी छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और कभी भी गिर सकती है।
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एहतियात के तौर पर शव का संस्कार श्मशान घाट के नजदीक ही खुले में करने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर हंगामा होते देख पुलिस भी पहुंच गई। तब कहीं जाकर शव का अंतिम संस्कार किया। हंगामा करने वाले व्यक्ति करम चंद ने बताया कि वह भूमि देने के लिए तैयार है और पक्के श्मशान घाट का निर्माण किया जाए। खुले में शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाए। इस संदर्भ में पंचायत प्रधान बलविंदर कौर का कहना है कि उन्हें भी दूरभाष के माध्यम से सूचना मिली थी कि वहां पर शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ है। लेकिन व्यक्ति को समझाकर अंतिम संस्कार करवा दिया गया। बिझड़ी पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि मौके पर पुलिस गई थी। लेकिन तब तक ग्रामीण और व्यक्ति आपस में मान गए थे और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
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