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समान नागरिक संहिता वक्त की मांग : पंकज
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विश्व हिंदू परिषद का 60वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विश्व हिंदू परिषद के 60वें स्थापना दिवस के कार्यक्रमों की शृंखला में हमीरपुर प्रखंड का कार्यक्रम सत्यनारायण मंदिर में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य हरी चंद शर्मा ने की। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद मार्गदर्शक मंडल के संत सर्वेश्वरानंद सरस्वती , महंत राकेशदास महात्यागी ने भी अपना आशीर्वचन दिया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद हिमाचल प्रांत के सह प्रांत मंत्री पंकज भारतीय ने कहा कि विश्व कल्याण का मूल मंत्र केवल सनातन धर्म है। विश्व में जहां अन्य पंथ अपने को सर्वश्रेष्ठ बनाए रखने की होड़ में हिंसा कर रहे हैं, वहीं सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है। सभी का कल्याण हो, यह अवधारणा केवल सनातन हिंदू धर्म में ही है। समान नागरिक संहिता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 दशकों में विश्व हिंदू परिषद की अनेक सफलताओं के बावजूद हिंदू समाज के लिए भविष्य चुनौतियों से भरा है। विधर्मियों की बढ़ती जनसंख्या के प्रभाव को पड़ोसी देश बांग्लादेश की स्थिति से ही समझ सकते हैं। देश आज पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है। जनसंख्या वृद्धि के उद्देश्य से किसी विशेष धर्म के लोगों की घुसपैठ और बहु विवाह को रोकने में असमर्थ कानून देश के लिए एक धीमा जहर है। इन समस्याओं को लेकर हिंदू समाज सरकार और विपक्ष दोनों पर सख्त कानून बने, इसका दबाव बनाना होगा। हिंदू धर्म के सिद्धांतों के अनुसार जीवित लोगों का कल्याण विश्व हिंदू परिषद की गतिविधियों का केंद्र है। विश्व हिंदू परिषद भारत के अलावा 80 देशों में कार्य कर रही है और 32 देशों में इसकी समितियां हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विश्व हिंदू परिषद के 60वें स्थापना दिवस के कार्यक्रमों की शृंखला में हमीरपुर प्रखंड का कार्यक्रम सत्यनारायण मंदिर में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य हरी चंद शर्मा ने की। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद मार्गदर्शक मंडल के संत सर्वेश्वरानंद सरस्वती , महंत राकेशदास महात्यागी ने भी अपना आशीर्वचन दिया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद हिमाचल प्रांत के सह प्रांत मंत्री पंकज भारतीय ने कहा कि विश्व कल्याण का मूल मंत्र केवल सनातन धर्म है। विश्व में जहां अन्य पंथ अपने को सर्वश्रेष्ठ बनाए रखने की होड़ में हिंसा कर रहे हैं, वहीं सनातन धर्म वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है। सभी का कल्याण हो, यह अवधारणा केवल सनातन हिंदू धर्म में ही है। समान नागरिक संहिता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 दशकों में विश्व हिंदू परिषद की अनेक सफलताओं के बावजूद हिंदू समाज के लिए भविष्य चुनौतियों से भरा है। विधर्मियों की बढ़ती जनसंख्या के प्रभाव को पड़ोसी देश बांग्लादेश की स्थिति से ही समझ सकते हैं। देश आज पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है। जनसंख्या वृद्धि के उद्देश्य से किसी विशेष धर्म के लोगों की घुसपैठ और बहु विवाह को रोकने में असमर्थ कानून देश के लिए एक धीमा जहर है। इन समस्याओं को लेकर हिंदू समाज सरकार और विपक्ष दोनों पर सख्त कानून बने, इसका दबाव बनाना होगा। हिंदू धर्म के सिद्धांतों के अनुसार जीवित लोगों का कल्याण विश्व हिंदू परिषद की गतिविधियों का केंद्र है। विश्व हिंदू परिषद भारत के अलावा 80 देशों में कार्य कर रही है और 32 देशों में इसकी समितियां हैं।
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