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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में एक महीने से अल्ट्रासाउंड मशीन खरीब, सिविल अस्पताल भेजी जा रहीं गर्भवती महिलाएं
Thu, 28 Nov 2024 01:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 28 Nov 2024 01:22 AM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एक माह से अल्ट्रासाउंड की दोनों मशीनें खराब हैं। ऐसे में यहां पर उपचार के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब टौणी देवी, नादौन, भोरंज आदि सिविल अस्पताल में भेजा जा रहा है।
वहीं, जो गर्भवती महिलाएं बाहर अल्ट्रासाउंड करवाने में सक्षम नहीं है, उन्हें खासी परेशानियों का सामना इन दिनों अस्पताल आने पर करना पड़ रहा है। कुछ एक निजी लैब के अल्ट्रासाउंड भी अस्पताल के अंदर चिकित्सक नहीं देख रहे हैं, क्योंकि उन लैब के अल्ट्रासाउंड में पहले काफी खामियां पाई जा चुकी हैं। हालांकि, कुछ निजी लैब के अल्ट्रासाउंड को चिकित्सक देख रहे हैं। ऐसे में जो गर्भवती महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें टौणी देवी, भोरंज, नादौन आदि अस्पताल में भेजा जा रहा है। अस्पताल में एक माह से भी अधिक समय बीत जाने पर भी खराब अल्ट्रासाउंड की मशीन ठीक नहीं की गई हैं। रेडियोलॉजिस्ट महिलाओं को ओपीडी से भेज रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं सुनीता, अंजू, संतोष, रिया, कल्पना आदि ने कहा कि अस्पताल आने पर इधर-उधर भेजा जा रहा है, जिस कारण खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द मशीन की मरम्मत करने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। सरकारी लैब में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निशुल्क किए जाने का प्रावधान है, लेकिन निजी लैब में पांच सौ से एक हजार रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने कहा कि मशीनों को ठीक करवाने के लिए कहा गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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वहीं, जो गर्भवती महिलाएं बाहर अल्ट्रासाउंड करवाने में सक्षम नहीं है, उन्हें खासी परेशानियों का सामना इन दिनों अस्पताल आने पर करना पड़ रहा है। कुछ एक निजी लैब के अल्ट्रासाउंड भी अस्पताल के अंदर चिकित्सक नहीं देख रहे हैं, क्योंकि उन लैब के अल्ट्रासाउंड में पहले काफी खामियां पाई जा चुकी हैं। हालांकि, कुछ निजी लैब के अल्ट्रासाउंड को चिकित्सक देख रहे हैं। ऐसे में जो गर्भवती महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें टौणी देवी, भोरंज, नादौन आदि अस्पताल में भेजा जा रहा है। अस्पताल में एक माह से भी अधिक समय बीत जाने पर भी खराब अल्ट्रासाउंड की मशीन ठीक नहीं की गई हैं। रेडियोलॉजिस्ट महिलाओं को ओपीडी से भेज रहे हैं।
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गर्भवती महिलाओं सुनीता, अंजू, संतोष, रिया, कल्पना आदि ने कहा कि अस्पताल आने पर इधर-उधर भेजा जा रहा है, जिस कारण खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द मशीन की मरम्मत करने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। सरकारी लैब में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निशुल्क किए जाने का प्रावधान है, लेकिन निजी लैब में पांच सौ से एक हजार रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने कहा कि मशीनों को ठीक करवाने के लिए कहा गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।