{"_id":"627018a66871c176681b708c","slug":"two-cancer-patients-underwent-chemotherapy-on-the-first-day-two-patients-consulted-hamirpur-hp-news-sml407505861","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन दो कैंसर मरीजों की हुई कीमोथैरेपी, दो मरीजों ने लिया परामर्श","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन दो कैंसर मरीजों की हुई कीमोथैरेपी, दो मरीजों ने लिया परामर्श
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के कमरा नंबर 102 में सोमवार से कीमोथैरेपी की सुविधा शुरू हो गई है। इस दौरान पहले दिन कुल चार कैंसर मरीज सुविधा लेने पहुंचे। इनमें से दो की कीमोथैरेपी हुई जबकि दो को पेश आ रही जटिलताओं के लिए आवश्यक परामर्श दिया गया।
अब हमीरपुर जिला के कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी, स्वास्थ्य संबंधी फॉलोअप और जटिलताओं के आने पर परामर्श लेने के लिए टांडा या शिमला नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें यहीं मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 102 में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। टांडा मेडिकल कॉलेज से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. कुलवीर और डॉ. शालिन की तैनाती यहां संबंधित विभाग में हुई है। हालांकि तैनाती के बाद से ही चिकित्सकों ने कीमोथैरेपी की सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी, लेकिन उन्हें स्थायी ओपीडी कमरा नहीं मिला था और कुछ दिन सर्जरी वार्ड में ही मरीजों को उपचार दिया गया।
लेकिन अब 102 नंबर कमरे में ओपीडी बनाई गई है और मरीज यहां आकर कीमोथैरेपी या परामर्श ले सकते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. कुलवीर ने कहा कि सोमवार को दो मरीजों की कीमोथैरेपी और दो मरीजों को परामर्श दिया गया। उन्होंने कहा कि 102 नंबर कमरे में ओपीडी शुरू हो गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि कैंसर मरीजों को अब बाहरी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ही कीमोथैरेपी की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के कमरा नंबर 102 में सोमवार से कीमोथैरेपी की सुविधा शुरू हो गई है। इस दौरान पहले दिन कुल चार कैंसर मरीज सुविधा लेने पहुंचे। इनमें से दो की कीमोथैरेपी हुई जबकि दो को पेश आ रही जटिलताओं के लिए आवश्यक परामर्श दिया गया।
अब हमीरपुर जिला के कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी, स्वास्थ्य संबंधी फॉलोअप और जटिलताओं के आने पर परामर्श लेने के लिए टांडा या शिमला नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें यहीं मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 102 में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। टांडा मेडिकल कॉलेज से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. कुलवीर और डॉ. शालिन की तैनाती यहां संबंधित विभाग में हुई है। हालांकि तैनाती के बाद से ही चिकित्सकों ने कीमोथैरेपी की सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी, लेकिन उन्हें स्थायी ओपीडी कमरा नहीं मिला था और कुछ दिन सर्जरी वार्ड में ही मरीजों को उपचार दिया गया।
विज्ञापन
लेकिन अब 102 नंबर कमरे में ओपीडी बनाई गई है और मरीज यहां आकर कीमोथैरेपी या परामर्श ले सकते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. कुलवीर ने कहा कि सोमवार को दो मरीजों की कीमोथैरेपी और दो मरीजों को परामर्श दिया गया। उन्होंने कहा कि 102 नंबर कमरे में ओपीडी शुरू हो गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि कैंसर मरीजों को अब बाहरी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ही कीमोथैरेपी की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन