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Hamirpur (Himachal) News: प्रशिक्षुओं ने सुप्रीम कोर्ट का मॉडल तैयार कर बताया स्टेनो टाइपिस्ट ट्रेड का महत्व
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रंगस (हमीरपुर)। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रैल के प्रशिक्षुओं ने प्रदेश उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के मॉडल के माध्यम से स्टेनो टाइपिस्ट ट्रेड का महत्व बताने का प्रयास किया है। स्टेनो टाइपिस्ट के प्रशिक्षण को आमतौर पर हल्के में लिया जाता है। किसी भी प्रशिक्षु ने स्टेनो टाइपिस्ट का चाहे हिंदी और अंग्रेजी किसी भी भाषा में प्रशिक्षण प्राप्त किया हो उसकी भविष्य में अपनी अहमियत है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में किसी भी ट्रेड में लिए गए प्रशिक्षण का अपना महत्व है।
स्टेनो टाइपिस्ट के प्रशिक्षु विश्व वर्मा, कविता शर्मा और लवली ने कहा कि इस मॉडल को बनाने में हमारी पूरी टीम ने संयुक्त रूप से कार्य किया है। इसे बनाने के पीछे हमारा उद्देश्य स्टेनोग्राफर की न्यायालय समेत किसी भी कार्यालय में भूमिका को दर्शाना है। स्टेनोग्राफर को न्यायालय की लीगल प्रोसीडिंग्स जिसमें ट्रायल, हियरिंग के दौरान कम से कम समय में ट्रांसक्रिप्ट करना होता है। स्टेनोग्राफर एक कोड है जिसके माध्यम से हम बड़ी से बड़ी लैंग्वेज को कम समय में लिख सकते हैं। स्टेनोग्राफर का प्रशिक्षण लेने के बाद इसकी डिमांड उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त शिक्षा, कृषि व अन्य सभी कार्यालय में भी रहती है। आईटीआई के प्रधानाचार्य कपिल ठाकुर ने कहा कि आईटीआई के प्रशिक्षु मॉडल के माध्यम से संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी ट्रेड का प्रशिक्षण लेना व्यक्ति के लिए सरकारी या फिर स्वरोजगार के क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
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स्टेनो टाइपिस्ट के प्रशिक्षु विश्व वर्मा, कविता शर्मा और लवली ने कहा कि इस मॉडल को बनाने में हमारी पूरी टीम ने संयुक्त रूप से कार्य किया है। इसे बनाने के पीछे हमारा उद्देश्य स्टेनोग्राफर की न्यायालय समेत किसी भी कार्यालय में भूमिका को दर्शाना है। स्टेनोग्राफर को न्यायालय की लीगल प्रोसीडिंग्स जिसमें ट्रायल, हियरिंग के दौरान कम से कम समय में ट्रांसक्रिप्ट करना होता है। स्टेनोग्राफर एक कोड है जिसके माध्यम से हम बड़ी से बड़ी लैंग्वेज को कम समय में लिख सकते हैं। स्टेनोग्राफर का प्रशिक्षण लेने के बाद इसकी डिमांड उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त शिक्षा, कृषि व अन्य सभी कार्यालय में भी रहती है। आईटीआई के प्रधानाचार्य कपिल ठाकुर ने कहा कि आईटीआई के प्रशिक्षु मॉडल के माध्यम से संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी ट्रेड का प्रशिक्षण लेना व्यक्ति के लिए सरकारी या फिर स्वरोजगार के क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
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