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Hamirpur (Himachal) News: प्रशिक्षु चिकित्सकों का नेशनल एग्जिट परीक्षा के खिलाफ दूसरे दिन भी प्रदर्शन
Tue, 04 Jul 2023 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:49 PM IST
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बैच 2019 के प्रशिक्षु चिकित्सक विरोध प्रदर्शन करते हुए
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मंगलवार को दूसरे दिन भी एमबीबीएस बैच 2019 के प्रशिक्षु चिकित्सकों राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा नेशनल एग्जिट टेस्ट अनिवार्य करने का विरोध किया। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने सुबह 10ः00 बजे से 10:30 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया।
एमबीबीएस बैच 2019 के लड़कों के सीआर (क्लास रिप्रजेंटेटिव) रवि कांत, लड़कियों की सीआर इतिका शर्मा, प्रियांशु, तारुष महाजन ने कहा कि बीच सत्र में निर्णय की जानकारी दी जा रही है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने फैसले को एनएमसी अधिनियम 2019 की धारा 49 का उल्लंघन है। प्रशिक्षुओं ने मांग की कि नेशनल एग्जिट परीक्षा को अन्य बैचों के लिए लागू किया जाए, क्योंकि जब उनका बैच शुरू हुआ था तब यह पाठ्यक्रम में निर्धारित था। अब अंतिम परीक्षा सिर पर है, ऐसे में इतने कम समय में तैयारी नहीं हो सकती।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने फरमान जारी किया है कि शैक्षणिक सत्र के बीच ही नवंबर माह में ही नेशनल एग्जिट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसी परीक्षा के आधार पर इन प्रशिक्षु चिकित्सकों का भविष्य तय होगा। क्योंकि इसी परीक्षा के आधार पर ही भविष्य में प्रशिक्षु चिकित्सकों को स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए सीटें मिलेंगी तथा इस परीक्षा में पास होने के बाद प्रशिक्षु चिकित्सकों को मेडिकल प्रैक्टिस की अनुमति भी मिलेगी। अगर इस टेस्ट में प्रशिक्षु चिकित्सक फेल हो जाते हैं तो उन्हें डिग्री नहीं दी जाती और साथ ही वह मेडिकल प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे।
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एमबीबीएस बैच 2019 के लड़कों के सीआर (क्लास रिप्रजेंटेटिव) रवि कांत, लड़कियों की सीआर इतिका शर्मा, प्रियांशु, तारुष महाजन ने कहा कि बीच सत्र में निर्णय की जानकारी दी जा रही है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने फैसले को एनएमसी अधिनियम 2019 की धारा 49 का उल्लंघन है। प्रशिक्षुओं ने मांग की कि नेशनल एग्जिट परीक्षा को अन्य बैचों के लिए लागू किया जाए, क्योंकि जब उनका बैच शुरू हुआ था तब यह पाठ्यक्रम में निर्धारित था। अब अंतिम परीक्षा सिर पर है, ऐसे में इतने कम समय में तैयारी नहीं हो सकती।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने फरमान जारी किया है कि शैक्षणिक सत्र के बीच ही नवंबर माह में ही नेशनल एग्जिट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसी परीक्षा के आधार पर इन प्रशिक्षु चिकित्सकों का भविष्य तय होगा। क्योंकि इसी परीक्षा के आधार पर ही भविष्य में प्रशिक्षु चिकित्सकों को स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए सीटें मिलेंगी तथा इस परीक्षा में पास होने के बाद प्रशिक्षु चिकित्सकों को मेडिकल प्रैक्टिस की अनुमति भी मिलेगी। अगर इस टेस्ट में प्रशिक्षु चिकित्सक फेल हो जाते हैं तो उन्हें डिग्री नहीं दी जाती और साथ ही वह मेडिकल प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे।
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