हमीरपुर। सीटू ने श्रम कानूनों को बदलने के विरोध में जिला मुख्यालय पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू से जुड़े हजारों मजदूरों ने हमीरपुर शहर के बीचोंबीच रैली निकाली और गांधी चौक पर सभा की। इस सभा को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, जिला अध्यक्ष प्रताप राणा, सचिव जोगिंदर कुमार, उपाध्यक्ष रंजन शर्मा, सहसचिव सुरेश राठौर ने संबोधित किया। प्रदर्शन में प्रवीण कुमार, मीना, रवि, सुभाष, उत्तम चंद, विनोद , दीप प्रताप, कमलजीत आदि मजदूर नेता मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते रोज मोदी सरकार ने बिना चर्चा के ही मजदूरों से जुड़े श्रम कानूनों को बदलने के प्रस्ताव संसद में पास कर दिए। अलोकतांत्रिक और फासीवादी तौर तरीकों को अपना कर मोदी सरकार मजदूरों की आवाज को दबाना चाहती है। लंबे संघर्षों और कुर्बानियों से हासिल किए काम के 8 घंटे के अधिकार को अब 12 घंटे में बदल दिया गया है। प्रोविडेंट फंड, ईएसआई और मजदूरों के कल्याण से जुड़े कानूनों को बदल दिया गया है। अब रोजगार के स्थायी प्रारूप को बदलकर सीमित समय के लिए काम दिया जाएगा, जिससे नौजवानों का भविष्य बर्बाद होने वाला है। मोदी सरकार ने मजदूरों के विरोध करने के अधिकार को भी खत्म कर दिया है और यूनियन बनाने और हड़ताल करने के अधिकार पर भी भारी भरकम जुर्माना लगाने और जेल भेजने तक के प्रावधान कर दिए हैं। जो मजदूरों को बंधुआ मजदूरी की तरफ धकेलने का ही काम करता है। देश का मजदूर इसके विरोध में आज सड़कों पर है। सीटू इन संशोधनों के विरोध में आर-पार की लड़ाई लड़ेगा और आने वाले समय में और भी बड़े संघर्षों की तैयारी करेगा।