फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Third eye sight deteriorated in medical college, security outsourced

Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में तीसरी आंख की नजर खराब, आउटसोर्स पर सुरक्षा

Tue, 20 Aug 2024 05:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2024 05:11 PM IST
विज्ञापन
रियलिटी चेक
विज्ञापन

कैसे होगी सुरक्षा, रात को ड्यूटी पर आने वाली नर्सें और महिला चिकित्सक दिन में आने को मजबूर
सरकार ने नहीं करवाई है ऐसी महिला स्टाफ सदस्यों के लिए कोई आने जाने के लिए कोई व्यवस्था

दिन में अस्पताल के हर गेट पर तैनात रहते हैं सुरक्षा कर्मचारी, पूरे अस्पताल का जिम्मा 35 सुरक्षा कर्मचारियों पर

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। स्थान : डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर। यहां आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। अस्पताल में 60 के करीब सीसीटीवी लगे हैं। इनमें से 35 के करीब सीसीटीवी खराब हैं। नर्सों के लिए चेजिंग रूम भी नहीं है। हालांकि, अस्पताल में महिला चिकित्सकों व पुरुषों के लिए अलग-अलग कमरे हैं लेकिन नर्सों के लिए अलग से चेजिंग रूम नहीं है। वहीं, आधी रात को ड्यूटी पर आने वाली महिला चिकित्सकों या नर्सों को भी आने जाने के लिए कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं करवाया गया है। ऐसे में या तो अधिकतर चिकित्सक ड्यूटी के लिए पहले ही आ जाते हैं।


अस्पताल में एक छोटी सी कैंटीन ऑर्थो वार्ड के साथ है लेकिन वह भी दिन में खुली रहती है। रात के समय वहां पर कोई व्यवस्था नहीं होती है। अस्पताल में दिन के समय 35 सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहते हैं जो ऐसी ओपीडी के बाहर होते हैं जहां पर अधिक भीड़ होती है। हर गेट पर दो से तीन सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहते हैं। वर्तमान में हालात को देखते हुए आपातकाल गेट के बाहर तीन सुरक्षा कर्मचारी तैनात हैं। जबकि आपातकाल वार्ड के बाहर भी दो सुरक्षा कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। सुरक्षा कर्मचारी एक कंपनी के माध्यम से तैनात हैं। अस्पताल में वर्तमान समय में 60 फीसदी स्टाफ आउटसोर्स पर है। अस्पताल में हर वार्ड के बाहर सीसीटीवी कैमरा है लेकिन वार्ड के अंदर मरीजों की प्राइवेसी को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाते हैं। लेकिन, हालात ऐसे हैं कि आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में अस्पताल में किसी भी घटना पर किस तरह से निगरानी रखी जाएगी यह सवाल उठ रहा है। कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या के बाद पूरे देश भर में चिकित्सकों की हड़ताल चल रही है। चिकित्सक संघ लगातार मांग कर रहा है कि अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं लेकिन जब सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीसीटीवी ही कार्य नहीं करेंगे तो किस तरह से किसी भी घटना की सूचना होगी। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में कोई घटना नहीं हुई।
विज्ञापन

कुछ माह पूर्व एक महिला बच्चे को जन्म देने के बाद वहां से भाग गई। इसपर मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खूब सवाल उठे थे। कई मरीजों के पर्स व मोबाइल भी यहां पर चोरी हुए लेकिन आज तक किसी को भी नहीं पकड़ा गया। हर वार्ड के बाहर महिलाओं और पुरुषों के लिए शौचालय बनाए हैं। महिला चिकित्सकों के लिए ओटी व उनके विभागों में शौचालय बनाए हैं लेकिन कई शौचालयों के पाइप टूटे हैं तो कइयों में पानी नहीं आता। ऐसे में परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के तार अकादमिक ब्लॉक के पास टूट गए हैं। ऐसे में वेंडर को कहा गया है। मंगलवार को ही वेंडर आया था और इन कैमरों को ठीक करने का एस्टीमेट बनाकर गया है। शीघ्र ही यह कैमरे ठीक करवा दिए जाएंगे। अस्पताल में सुरक्षा के पूरे प्रबंध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed