{"_id":"6836090872c80dc164075684","slug":"there-is-a-problem-regarding-land-acquisition-for-medical-college-some-land-owners-did-not-agree-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-156929-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहण पर फंसा पेंच, कुछ भू-मालिक नहीं हुए सहमत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहण पर फंसा पेंच, कुछ भू-मालिक नहीं हुए सहमत
Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 28 May 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
रंगस में एसडीएम नादौन की अगुआई में आयोजित बैठक में मौजूद भू मालिक एवं कर्मचारी। संवाद।
रंगस (हमीरपुर )। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर स्थित जोलसप्पड़ के दूसरे चरण के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर पेंच फंसा गया है। 15 हेक्टेयर से अधिक भूमि में दूसरे चरण के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट का निर्माण प्रस्तावित है।
वन भूमि के साथ लोगों की दर्जनों कनाल निजी भूमि का अधिग्रहण भी इसके लिए प्रस्तावित है। इस सिलसिले में ग्राम पंचायत रंगस के सभागार में मंगलवार को भू-मालिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में टीका महाल बन्ह और जंदली राजपूतां के लोग शामिल रहे। इन लोगों की 20 मरले निजी जमीन के अधिग्रहण पर चर्चा हुई।
वहीं, टीका थाईं गांव में प्रस्तावित 50 कनाल भूमि के अधिग्रहण को लेकर भी चर्चा हुई। टीका थाईं के भू-मालिकों में दीपक, प्रदीप व मोहिंदर सिंह व प्रताप सिंह आदि ने निजी जमीन सरकार को देने से मना किया है। उन्होंने बाकायदा लिखित बयान देते हुए कहा कि गांववासियों ने पहले भी बाईपास के निर्माण के लिए निजी भूमि सरकार को सस्ते दाम पर दी है। अब 50 कनाल भूमि को सरकार को देने के बाद उनके पास जमीन बिल्कुल भी नहीं बचेगी।
विज्ञापन
ऐसे में वे यहां पर कृषि अथवा निजी व्यवसायिक कार्य से वंचित हो जाएंगे। सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करे। जमीनों के दाम कम मिलने से भू मालिक आहत हैं। भू-मालिकों का कहना है कि यहां पर सर्किंल रेट कम है, जबकि ऊंचे दामों पर जमीनें बिक रही हैं। ऐसे में जमीनों के उनको बेहतर दाम दिए जाएं।
इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त निदेशक अनुपम ठाकुर, तहसीलदार नादौन रोहित कंवर, नायब तहसीलदार बलवंत सिंह व कानूनगो पटवारी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
शर्तों पर सड़क निर्माण को जमीन देने पर सहमति बनी
वहीं, दूसरी ओर जंदली राजपूतां और बन्ह में सड़क निर्माण के लिए अधिकतर भूस्वामियों ने अपनी भूमि सरकार को देने की सहमति दी है। इन लोगों ने शर्त रखी कि उन्हें मौके पर आकर राजस्व अधिकारी बताएं कि उनकी जमीन में किस तरफ से सड़क निकलना प्रस्तावित है। इसके लिए जल्दी ही राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों की जमीन से काटे गए ततीमे के संदर्भ में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएंगे। इस बारे में एसडीएम नादौन राकेश शर्मा ने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं।
कोट
सौहार्दपूर्ण तरीके से बैठक में चर्चा हुई है। भूमि मालिकों की कितनी जमीन ली जाएगी और सर्किल रेट के हिसाब से कितने दाम दिए जाएंगे, इसे लेकर बातचीत की गई है। अधिकतर भूस्वामियों ने अपनी भूमि सरकार को देने के लिए सहमति दी है, तो वहीं कई भूमि मालिकों ने असहमति जताई है। लोगों को अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के विषय पर सजग कर दिया गया है। सर्किल रेट से अधिक डेढ़ गुना ज्यादा रेट दिया जा सकता है। फिर भी यदि भूमि मालिक नहीं मानते हैं, तो सरकार अनिवार्य जमीन अधिग्रहण कर सकती है। जल्द ही भू मालिकों के साथ दोबारा बैठक कर चर्चा की जाएगी, ताकि सहमति बन सके।
-राकेश शर्मा, एसडीएम, नादौन
विज्ञापन
वन भूमि के साथ लोगों की दर्जनों कनाल निजी भूमि का अधिग्रहण भी इसके लिए प्रस्तावित है। इस सिलसिले में ग्राम पंचायत रंगस के सभागार में मंगलवार को भू-मालिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में टीका महाल बन्ह और जंदली राजपूतां के लोग शामिल रहे। इन लोगों की 20 मरले निजी जमीन के अधिग्रहण पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
वहीं, टीका थाईं गांव में प्रस्तावित 50 कनाल भूमि के अधिग्रहण को लेकर भी चर्चा हुई। टीका थाईं के भू-मालिकों में दीपक, प्रदीप व मोहिंदर सिंह व प्रताप सिंह आदि ने निजी जमीन सरकार को देने से मना किया है। उन्होंने बाकायदा लिखित बयान देते हुए कहा कि गांववासियों ने पहले भी बाईपास के निर्माण के लिए निजी भूमि सरकार को सस्ते दाम पर दी है। अब 50 कनाल भूमि को सरकार को देने के बाद उनके पास जमीन बिल्कुल भी नहीं बचेगी।
विज्ञापन
ऐसे में वे यहां पर कृषि अथवा निजी व्यवसायिक कार्य से वंचित हो जाएंगे। सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करे। जमीनों के दाम कम मिलने से भू मालिक आहत हैं। भू-मालिकों का कहना है कि यहां पर सर्किंल रेट कम है, जबकि ऊंचे दामों पर जमीनें बिक रही हैं। ऐसे में जमीनों के उनको बेहतर दाम दिए जाएं।
इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त निदेशक अनुपम ठाकुर, तहसीलदार नादौन रोहित कंवर, नायब तहसीलदार बलवंत सिंह व कानूनगो पटवारी व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
शर्तों पर सड़क निर्माण को जमीन देने पर सहमति बनी
वहीं, दूसरी ओर जंदली राजपूतां और बन्ह में सड़क निर्माण के लिए अधिकतर भूस्वामियों ने अपनी भूमि सरकार को देने की सहमति दी है। इन लोगों ने शर्त रखी कि उन्हें मौके पर आकर राजस्व अधिकारी बताएं कि उनकी जमीन में किस तरफ से सड़क निकलना प्रस्तावित है। इसके लिए जल्दी ही राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों की जमीन से काटे गए ततीमे के संदर्भ में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएंगे। इस बारे में एसडीएम नादौन राकेश शर्मा ने कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं।
कोट
सौहार्दपूर्ण तरीके से बैठक में चर्चा हुई है। भूमि मालिकों की कितनी जमीन ली जाएगी और सर्किल रेट के हिसाब से कितने दाम दिए जाएंगे, इसे लेकर बातचीत की गई है। अधिकतर भूस्वामियों ने अपनी भूमि सरकार को देने के लिए सहमति दी है, तो वहीं कई भूमि मालिकों ने असहमति जताई है। लोगों को अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के विषय पर सजग कर दिया गया है। सर्किल रेट से अधिक डेढ़ गुना ज्यादा रेट दिया जा सकता है। फिर भी यदि भूमि मालिक नहीं मानते हैं, तो सरकार अनिवार्य जमीन अधिग्रहण कर सकती है। जल्द ही भू मालिकों के साथ दोबारा बैठक कर चर्चा की जाएगी, ताकि सहमति बन सके।
-राकेश शर्मा, एसडीएम, नादौन