{"_id":"69bef5a3ab019463c90074a3","slug":"the-state-governments-budget-is-against-public-sentiments-rakesh-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1026-187529-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनभावनाओं के विपरित है प्रदेश सरकार का बजट : राकेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनभावनाओं के विपरित है प्रदेश सरकार का बजट : राकेश
Sun, 22 Mar 2026 01:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को निराशाजनक और जनभावनाओं के विपरीत करार दिया है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि बजट में की गई भारी कटौती से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार के पास प्रदेश के समग्र विकास के लिए कोई ठोस दृष्टि नहीं है।
इससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्य प्रभावित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा 2022 में किए गए वादे आज भी अधूरे हैं। रोजगार देने, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और किसानों को बेहतर समर्थन देने जैसे मुद्दों पर सरकार केवल घोषणाएं करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम नजर नहीं आते।
बजट में लगभग 3,586 करोड़ रुपये की कटौती प्रदेश के विकास पर सीधा प्रहार है। इस कमी के चलते बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकासात्मक योजनाएं प्रभावित होंगी। एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। वहीं, 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा भी 40 महीने बीत जाने के बाद अधूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्य प्रभावित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा 2022 में किए गए वादे आज भी अधूरे हैं। रोजगार देने, महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और किसानों को बेहतर समर्थन देने जैसे मुद्दों पर सरकार केवल घोषणाएं करती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम नजर नहीं आते।
विज्ञापन
बजट में लगभग 3,586 करोड़ रुपये की कटौती प्रदेश के विकास पर सीधा प्रहार है। इस कमी के चलते बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकासात्मक योजनाएं प्रभावित होंगी। एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। वहीं, 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा भी 40 महीने बीत जाने के बाद अधूरी है।
विज्ञापन