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Hamirpur (Himachal) News: घरों और दुकानों की गंदगी से ताल हुआ बेहाल, मर रहीं मछलियां
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निकासी नालियां ब्लाॅक होने से सीधे ताल में मिल रही गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ताल (हमीरपुर)। साहनवीं पंचायत के ऐेतिहासिक ताल में मछलियों की मौत का सिलसिला वीरवार को बेशक थम गया है लेकिन ताल में दुकानों और घरों की निकासी नालियों की गंदगी सीधा ताल में मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि जिस ओर इन निकासी नालियों का पानी निकाला जाना है उस तरफ नालियां ब्लाॅक हैं। जबकि ताल की ओर गंदा पानी लगातार बह रहा है।
ऐसे में हर साल इस ताल में मछलियों के मरने की घटनाएं भी हो रही हैं। स्थानीय पंचायत की ओर लोगों और दुकानदारों से गंदगी ताल में न फेंकने का आग्रह किया गया है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ है। कुछ दुकानों का गंदा पानी, कूड़ा कर्कट और तालाब के किनारे बने घरों-दुकानों के सेप्टिक टैंक की गंदगी भी ताल में मिल रही है। यह ताल ऐतिहासिक है। इसके एक छोर पर शीतला माता मंदिर तथा दूसरी ओर सरकारी स्कूल है। हर दिन यहां पर 50 से 100 लोग श्रद्धा भाव से मछलियों को आटा डालते हैं और मंदिर में अपना शीश नवाते हैं। तालाब की साल में दो बार सफाई करवाई जाती है। यहां पर बाजार की निकासी नालियों की चौड़ाई कम है। इससे यह बार-बार ब्लाॅक होती हैं। ताल के चारों तरफ दुकानें और घर बने हैं। कुछ लोगों ने अपने घरों को 30-40 किरायेदार भी बसाए हैं। सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो होकर ताल में गिरते हैं, वहीं दुकानों का भी गंदा पानी इस तालाब में गिरने के कारण मछलियां मर रही हैं। ग्राम पंचायत साहनवीं के प्रधान चरण दास व वार्ड नंबर 2 टीका कपोटी के सदस्य लतीफ़ मोहम्मद ने कहा कि इस समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस ताल को स्वच्छ रखना सभी लोगों का दायित्व है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ताल (हमीरपुर)। साहनवीं पंचायत के ऐेतिहासिक ताल में मछलियों की मौत का सिलसिला वीरवार को बेशक थम गया है लेकिन ताल में दुकानों और घरों की निकासी नालियों की गंदगी सीधा ताल में मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि जिस ओर इन निकासी नालियों का पानी निकाला जाना है उस तरफ नालियां ब्लाॅक हैं। जबकि ताल की ओर गंदा पानी लगातार बह रहा है।
ऐसे में हर साल इस ताल में मछलियों के मरने की घटनाएं भी हो रही हैं। स्थानीय पंचायत की ओर लोगों और दुकानदारों से गंदगी ताल में न फेंकने का आग्रह किया गया है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ है। कुछ दुकानों का गंदा पानी, कूड़ा कर्कट और तालाब के किनारे बने घरों-दुकानों के सेप्टिक टैंक की गंदगी भी ताल में मिल रही है। यह ताल ऐतिहासिक है। इसके एक छोर पर शीतला माता मंदिर तथा दूसरी ओर सरकारी स्कूल है। हर दिन यहां पर 50 से 100 लोग श्रद्धा भाव से मछलियों को आटा डालते हैं और मंदिर में अपना शीश नवाते हैं। तालाब की साल में दो बार सफाई करवाई जाती है। यहां पर बाजार की निकासी नालियों की चौड़ाई कम है। इससे यह बार-बार ब्लाॅक होती हैं। ताल के चारों तरफ दुकानें और घर बने हैं। कुछ लोगों ने अपने घरों को 30-40 किरायेदार भी बसाए हैं। सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो होकर ताल में गिरते हैं, वहीं दुकानों का भी गंदा पानी इस तालाब में गिरने के कारण मछलियां मर रही हैं। ग्राम पंचायत साहनवीं के प्रधान चरण दास व वार्ड नंबर 2 टीका कपोटी के सदस्य लतीफ़ मोहम्मद ने कहा कि इस समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस ताल को स्वच्छ रखना सभी लोगों का दायित्व है।
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