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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   The issue of delay and negligence in the construction of NH-3 resonated in Parliament.

Hamirpur (Himachal) News: संसद में गूंजा एनएच-3 निर्माण में देरी और कोताही का मुद्दा

Tue, 02 Dec 2025 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Tue, 02 Dec 2025 12:26 AM IST
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हमीरपुर-मंडी-धर्मपुर सेक्शन का बचा काम जल्द हो पूरा : अनुराग ठाकुर
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संसद में नियम 377 के तहत जल्द निर्माण और सुरक्षा संबंधी विषय उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एनएच-3 के हमीरपुर-मंडी निर्माण में लेटलतीफी का मुद्दा सोमवार को संसद में गूंजा। पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को संसद में नियम 377 के तहत हिमाचल में एनएच-3 के हमीरपुर-मंडी-धर्मपुर सेक्शन को स्लोप सेफ्टी और लैंड स्लाइड रोकने के उपायों के साथ बचा हुआ निर्माण कार्य जल्द पूरा कराए जाने की मांग उठाई है।
इस एनएच का निर्माण लंबे अरसे विवादों में रहा है। इससे पहले धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए अनशन कर चुके हैं। इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज (मोरथ) के कार्यालय को हमीरपुर से शिमला भी शिफ्ट कर दिया था, लेकिन कोई खासी तेजी निर्माण कार्य में नहीं आई है। अब पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग ठाकुर ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और सुरक्षा उपायों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए इसे तेजी से पूरा करने की मांग की है।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि एनएच-3 के हमीरपुर-मंडी-धर्मपुर सेक्शन को स्लोप सेफ्टी और लैंडस्लाइड रोकने के उपायों के साथ जल्दी पूरा करने की ज़रूरत है। यह हाईवे हमीरपुर जिले के आम लोगों, छात्रों, व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों के लिए एक जरूरी लाइफलाइन है।
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बादल फटने और भूस्खलन का रहता है खतरा, अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत
उन्होंने अनुरोध किया कि इस इलाके में बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसे देखते हुए हमीरपुर-धर्मपुर- मंडी हाईवे पर चल रहे काम में और तेज़ी लाई जाए। लंबे समय तक सुरक्षा पक्की करने के लिए जियोसिंथेटिक रीइन्फोर्समेंट, मज़बूत रिटेनिंग स्ट्रक्चर, बेहतर स्लोप स्टेबिलाइज़ेशन, रॉकफॉल-प्रोटेक्शन मेश और ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे और उपायों को प्राथमिकता दी जा सकती है। उन्होंने एनएचएआई और मोरथ से यह भी अनुरोध किया कि वे फिसलन की संभावना वाले ज़ोन के लिए हाईवे-बेस्ड अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग टूल पर विचार करें, ताकि आने-जाने वालों और आस-पास के गांवों को सुरक्षित रखा जा सके।
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