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Hamirpur (Himachal) News: बिझड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल में शाम पांच बजे बाद लग जाता है ताला
Fri, 02 Oct 2026 01:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:36 AM IST
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आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी का भवन। स्रोत : जागरूक पाठक
बड़सर (हमीरपुर)। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार बिझड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल में शाम पांच बजे के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बंद हो जाती हैं और अस्पताल के गेट पर ताला लग जाता है। 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के दावों के बावजूद रात के समय मरीजों को उपचार के लिए भोरंज या हमीरपुर जाना पड़ रहा है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला अस्पताल भवन तैयार किया गया था। उस समय अस्पताल में 10 बिस्तरों की सुविधा के साथ दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और पंचकर्म जैसी सुविधाएं शुरू करने की बात कही गई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद भी इन सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में वर्तमान में तीन चिकित्सक, चार स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट तैनात हैं। इसके बावजूद रात के समय उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।
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पंचकर्म के लिए लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई मशीनरी भी उपयोग के अभाव में पड़ी है। अस्पताल दर्जनों पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में शाम के बाद चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आपात स्थिति में उन्हें भोरंज या हमीरपुर जाना पड़ता है। पूर्व भाजपा प्रवक्ता राकेश भाना, रवि कुमार, कुंदन देशराज, कुशल दत्त, पवन कुमार और सतीश ठाकुर सहित ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से अस्पताल को जल्द 24 घंटे संचालित करने की मांग की है।
कोट
हाल ही में पदभार संभाला है। जल्द बिझड़ी अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. तनुजा नागपाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी
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पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला अस्पताल भवन तैयार किया गया था। उस समय अस्पताल में 10 बिस्तरों की सुविधा के साथ दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और पंचकर्म जैसी सुविधाएं शुरू करने की बात कही गई थी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद भी इन सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में वर्तमान में तीन चिकित्सक, चार स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट तैनात हैं। इसके बावजूद रात के समय उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।
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पंचकर्म के लिए लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई मशीनरी भी उपयोग के अभाव में पड़ी है। अस्पताल दर्जनों पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में शाम के बाद चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आपात स्थिति में उन्हें भोरंज या हमीरपुर जाना पड़ता है। पूर्व भाजपा प्रवक्ता राकेश भाना, रवि कुमार, कुंदन देशराज, कुशल दत्त, पवन कुमार और सतीश ठाकुर सहित ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से अस्पताल को जल्द 24 घंटे संचालित करने की मांग की है।
कोट
हाल ही में पदभार संभाला है। जल्द बिझड़ी अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. तनुजा नागपाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी