{"_id":"6abebd85b78955a539082d7d","slug":"education-policy-has-opened-doors-to-new-possibilities-anurag-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-210499-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा नीति ने खोले नई संभावनाओं के द्वार : अनुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा नीति ने खोले नई संभावनाओं के द्वार : अनुराग
Fri, 02 Oct 2026 01:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समावेशी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव किए हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने के अवसर मिले हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बहुविषयक शिक्षा, लचीले पाठ्यक्रम और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
मीडिया को दिए बयान में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स जैसी पहल से उच्च शिक्षा में लचीलेपन को बढ़ावा मिला है। व्यावसायिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समावेश से विद्यार्थियों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिली है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन सुधारों के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी शिक्षा व्यवस्था में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 (वीबीएसए) उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के नियमन और संस्थागत व्यवस्था में सुधार के साथ अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ विधेयक के प्रावधानों पर हो रहा विचार-विमर्श भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करने में सहायक होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता, कौशल आधारित शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने के अवसर मिले हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बहुविषयक शिक्षा, लचीले पाठ्यक्रम और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
मीडिया को दिए बयान में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स जैसी पहल से उच्च शिक्षा में लचीलेपन को बढ़ावा मिला है। व्यावसायिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समावेश से विद्यार्थियों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिली है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन सुधारों के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी शिक्षा व्यवस्था में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 (वीबीएसए) उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के नियमन और संस्थागत व्यवस्था में सुधार के साथ अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ विधेयक के प्रावधानों पर हो रहा विचार-विमर्श भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करने में सहायक होगा।