{"_id":"6627cb4f47eeb05a0d0f737f","slug":"teacher-injured-by-bull-attack-admitted-to-hospital-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-126253-2024-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: सांड के हमले से शिक्षक घायल, अस्पताल में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: सांड के हमले से शिक्षक घायल, अस्पताल में भर्ती
Wed, 24 Apr 2024 08:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Apr 2024 08:20 AM IST
विज्ञापन
जोलसप्पड़ में सड़कों पर घूमत आवारा पशु
रंगस (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के अंतर्गत जोलसप्पड़ में मंगलवार शाम को खेतों में गेहूं की फसल काट कर रहे शिक्षक पर सांड ने हमला कर दिया। इससे शिक्षक अजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। पेट में गंभीर चोट लगने से शिक्षक अचेत होकर खेत गिर गया। परिजनों ने घायल अवस्था में उन्हेंं मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया। जहां उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घायल के चाचा डॉ. हेमराज शर्मा ने कहा कि उनका भतीजा अजय कुमार घर के साथ ही खेत में गेहूं की फसल काट रहा था। इस दौरान अचानक आवारा पशुओं के झुंड में से एक सांड ने अजय पर हमला कर दिया। जहां पर शिक्षक अजय कुमार का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांड के हमले से अजय को पेट के अलावा शरीर पर अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं।
उधर, जोलसप्पड़ पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने कहा कि प्रशासन को हिंसक आवारा पशुओं के बारे में सूचित करके इनका स्थायी हल निकाला जाएगा, ताकि किसी भी और व्यक्ति पर कोई पशुजान लेवा हमला न कर सके। उधर, रंगस और जोलसप्पड़ क्षेत्र में आवारा पशुओं के आतंक से किसान गेहूं की फसल की कटाई और थ्रेशिंग का कार्य करने से भी डरने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घायल के चाचा डॉ. हेमराज शर्मा ने कहा कि उनका भतीजा अजय कुमार घर के साथ ही खेत में गेहूं की फसल काट रहा था। इस दौरान अचानक आवारा पशुओं के झुंड में से एक सांड ने अजय पर हमला कर दिया। जहां पर शिक्षक अजय कुमार का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांड के हमले से अजय को पेट के अलावा शरीर पर अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं।
विज्ञापन
उधर, जोलसप्पड़ पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने कहा कि प्रशासन को हिंसक आवारा पशुओं के बारे में सूचित करके इनका स्थायी हल निकाला जाएगा, ताकि किसी भी और व्यक्ति पर कोई पशुजान लेवा हमला न कर सके। उधर, रंगस और जोलसप्पड़ क्षेत्र में आवारा पशुओं के आतंक से किसान गेहूं की फसल की कटाई और थ्रेशिंग का कार्य करने से भी डरने लगे हैं।
विज्ञापन