फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   strike of nhm workers

एनएचएम कर्मचारियों ने शुरू की काम छोड़ो हड़ताल

Wed, 02 Feb 2022 11:39 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
strike of nhm workers
भोटा अस्पताल के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते एनएचएम कर्मचारी। - फोटो : Hamirpur-HP
भोरंज/भोटा(हमीरपुर)। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सेवारत अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगों के पूरा न होने से भड़क उठे हैं। इन कर्मचारियों ने सरकार की बेरुखी के चलते प्रदेश भर में काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर दी है। विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत इन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए अनदेखी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने एलान किया है कि अभी भी यदि सरकार ने उनकी मांगों की तरफ सहानुभूतिपूर्वक ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष लंबा भी जा सकता है। प्रदेश भर में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे करीब 1700 कर्मचारी 23 सालों से सरकार की बेरुखी का शिकार हैं।
विज्ञापन

नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारी महासंघ के जिला महासचिव बलबीर सिंह की अगुवाई में भोरंज सिविल अस्पताल में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे। इस दौरान कर्मचारियों ने एलान किया है कि यदि अब भी सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो यह पेन डाउन हड़ताल ज्यादा दिन चल सकती है। कर्मचारी महासंघ के जिला महासचिव बलबीर सिंह ने कहा कि एनएचएम के कर्मचारियों ने लगातार अधिकारियों और सरकार के नुमाइंदों के सामने अपना पक्ष रखा। कर्मचारियों ने सदैव एक स्थाई पॉलिसी की मांग करते हुए अपना और अपने परिवारों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की। लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी इस मांग को तवज्जो देना तो दूर गंभीरता से भी नहीं दिया। जिला महासचिव बलबीर सिंह का कहना है कि आज हालत यह हैं कि नेशनल हेल्थ मिशन में 23 साल से सेवाएं दे रहे 1700 कर्मचारी अस्तित्व को बचाए रखने की जंग लड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार से हाल ही में हुई बातचीत के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने केंद्र से बजट पारित करवाने का आश्वासन दिया लेकिन मिशन के कर्मचारी किसी बजट की मांग तो कर ही नहीं रहे। कर्मचारियों की मांग सरकार से बनने वाली एक स्थायी पॉलिसी हो जिससे समय-समय पर प्रदेश सरकार हर वर्ग के कर्मचारियों के लिए बनाती और लागू करती रहती है। ऐसे में सरकार की क्या मजबूरी है कि केवल और केवल एनएचएम के कर्मचारियों के साथ ही सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार एनएचएम कर्मचारियों को अनदेखा करती है तो आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग के तहत बहुत सारे प्रोजेक्ट और अन्य सेवाएं प्रभावित होने वाली हैं। इसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रदेश सरकार की रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed