फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Stock of five medicines ran out from the medicine store of the hospital

अस्पताल के दवाई स्टोर से खत्म हुआ पांच दवाइयों का स्टॉक

Fri, 03 Jun 2022 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Stock of five medicines ran out from the medicine store of the hospital
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के निशुल्क फार्मेसी काउंटर पर उमड़ी मरीजों व तीमारदारों की भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। समय 11: 59 बजे हैं। यह मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का निशुल्क फार्मेसी काउंटर है। यहां करीब 200 मरीज और तीमारदार दवाइयां लेने के लिए कतारों में एक दूसरे के साथ सटकर खड़े हैं। तीन काउंटरों पर इन्हें दवाइयां मिल तो रही हैं, लेकिन प्रत्येक काउंटर पर महज एक-एक कर्मचारी होने के कारण इतनी भीड़ को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। 12:02 बज गए हैं। सीनियर सिटीजन काउंटर पर खड़े वरिष्ठ नागरिक अपनी बारी का इंतजार करते हुए थक चुके हैं और एक दूसरे को कतारबद्ध होकर ही काउंटर पर जाने को कह रहे हैं। काफी देर तक काउंटर पर खड़े रहने के बावजूद वरिष्ठ नागरिक उमाकांत को बीपी की टेल्मीसार्टन दवाई काउंटर पर नहीं मिली। इससे वह मायूस होकर बाहर आए। उन्होंने करीब 25 मिनट कतार में खड़े होकर दवाई के लिए इंतजार किया, लेकिन जब बारी आई तो दवाई नहीं मिली।
विज्ञापन

12:10 बजे हैं। काउंटर पर भीड़ बढ़ती जा रही है। महिलाओं को कैल्शियम की खुराक नहीं मिल रही है। जबकि, ऑपरेशन के बाद प्रयोग होने वाला आई ड्रॉप भी खत्म है। इसके लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। दर्द निवारक डिक्लोजेल भी नहीं मिल रहा है। ऑर्थो रोगियों को लिखे इस जेल को लेने के लिए उन्हें बाहरी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ा। काउंटर पर भीड़ में घंटों खड़े रहने के बावजूद मरीजों व तीमारदारों को काउंटर पर आधी अधूरी ही दवाइयां मिलीं। इस पर लोगों ने कॉलेज प्रबंधन पर रोष व्यक्त किया है। आई ड्रॉप जो यहां निशुल्क मिलता है, बाहरी मेडिकल स्टोर में 120 रुपये का आता है। जबकि, दर्द निवारक जेल के लिए भी 100 रुपये खर्च करने पड़े। महिलाओं व हड्डी रोगियों के लिए सबसे जरूरी कैल्शियम की खुराकें भी बाहरी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। जबकि, बीपी की दवाई हर दूसरे मरीज को लिखी होती है, जो उपलब्ध नहीं है। लोगों ने प्रबंधन से सभी दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि वैसे तो दवाइयां पूरी हैं, लेकिन कई बार कमी आ जाती है। जिन दवाइयों की कमी आती है, उनके लिए ऑर्डर कर दिया जाता है। जल्द ही दवाइयां उपलब्ध हो जाएंगी।
विज्ञापन

काउंटर पर नंबर आया तो बीपी की दवाई नहीं मिली : संतोष
चबूतरा से अपनी माता के लिए दवाई लेने आए संतोष कुमार ने कहा कि वह करीब 11:00 बजे से काउंटर पर खड़े हैं, लेकिन 12:00 बजे तक भी नंबर नहीं आया। अब काउंटर पर सवा एक घंटे का इंतजार करने के बाद नंबर आया तो बीपी की दवाई नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जो दवाइयां खत्म हों, उनके बारे में चिकित्सकों को अवगत करवाने के साथ काउंटर पर सूची भी लगानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

खत्म हुई दवाइयों की लगे सूची: प्रकाश
कक्कड़ निवासी सत्य प्रकाश ने कहा कि काउंटर पर भीड़ अधिक है और कर्मचारी कम हैं। ऐसे में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और आधी अधूरी दवाइयां ही उन्हें मिल पा रही हैं। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन को चाहिए कि जो दवाइयां खत्म हो गई हैं, उन्हें लिखें ही नहीं। क्योंकि ऐेसे में लोगों का कतार में खड़े होकर समय व्यर्थ जाता है।

काउंटर पर मिले बेहतर सुविधाएं : रमेश
गलोड़ निवासी रमेश शर्मा ने कहा कि निशुल्क फार्मेसी काउंटर पर व्यवस्था सुधरनी चाहिए। यहां जगह कम है और मरीज व तीमारदार दवाइयां खरीदने के लिए अधिक संख्या में खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए और लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं दी जाएं। दवाइयां खत्म होने पर उनकी सूची बाहर लगाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed