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वरिष्ठ अधिकारी बैठक से नदारद, जारी होंगे कारण बताओ नोटिस

Thu, 21 Apr 2022 12:09 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 12:09 AM IST
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Senior officers absent from meeting, show cause notices will be issued
हमीरपुर बचत भवन में आयोजित जेसीसी बैठक की अध्यक्षता करती उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक और एनज - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। बचत भवन हमीरपुर में आयोजित संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर विभिन्न मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपायुक्त हमीरपुर देवश्वेता बनिक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए हैं। करीब साढ़े नौ वर्ष के बाद आयोजित इस बैठक में लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग दोनों विभागों से कोई एक्सईएन और अधीक्षण अभियंता नहीं पहुंचे। सुजानपुर और भोरंज के दोनों एसडीएम और सुजानपुर के तहसीलदार भी बैठक से अनुपस्थित रहे। जिले में कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा एवं इनके समाधान के लिए बुधवार को बचत भवन में जिलास्तरीय जेसीसी यानी संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (एनजीओ) के पदाधिकारियों की ओर से उठाए गए लगभग 53 मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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कर्मचारियों ने जब पेयजल समस्या को उठाया तो बैठक में जलशक्ति विभाग का अधीक्षक संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। इस तरह भवन निर्माण, मरम्मत और सड़कों की समस्या के मुद्दे पर महज एक जेई खड़ा हुआ। इस पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब संबंधित विभाग का अधिकारी ही बैठक में नहीं है तो समस्या का समाधान कैसे हो पाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त बनिक ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जेसीसी की बैठक आयोजित की गई है। उपायुक्त ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी कार्यालय प्रमुख अपने-अपने स्तर पर हरसंभव कदम उठाएं। कार्य स्थल पर कई छोटी-छोटी समस्याओं को अधिकारी अपने स्तर पर निपटा सकते हैं। इनमें अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिला मुख्यालय में सरकारी आवासों की चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इनकी मरम्मत के लिए लगभग 80 लाख का प्रावधान किया गया है। उपमंडल स्तर पर आवास आवंटन समितियों में एनजीओ के पदाधिकारी भी शामिल किए जाएंगे। उधर, एनजीओ के अध्यक्ष अरविंदग मोदगिल और महासचिव मिलाप शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के बैठक से नदारद रहने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उपायुक्त ने संबंधित विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी करने बारे कहा है।
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कर्मचारियों की समस्याओं का किया जाएगा समाधान: डीसी
जेसीसी की बैठक में कर्मचारियों के लगभग 53 मुद्दों पर चर्चा
जिलास्तरीय जेसीसी बैठक में उपायुक्त देवश्वेबता बनिक ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को तकनीकी और फील्ड कर्मचारियों की समस्याओं का निपटारा करने के निर्देश दिए। कल्याण विभाग के भवन निर्माण के कारण एनजीओ भवन परिसर में आ रही विभिन्न समस्याओं के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि इनके त्वरित समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग और जलशक्ति विभाग के अधिकारी एनजीओ पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें। बैठक में एनजीओ पदाधिकारियों ने सरकारी कार्यालय परिसरों में पार्किंग समस्या, राजस्व विभाग के फील्ड कार्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित मुद्दे भी उठाए। इनके अलावा उन्होंने उपायुक्त के समक्ष रिक्त पदों, वेतन विसंगतियों, ओल्ड पेंशन और आउटसोर्स नीति को लेकर भी अपनी बात रखी तथा इन महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रदेश सरकार को प्रेषित करने का आग्रह किया।
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कर्मचारियों के सुझाव पर उपायुक्त ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को हर माह ड्राइविंग टेस्ट के शेड्यूल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से दी जा रही विभिन्न सेवाओं के लिए दरें निर्धारित की गई हैं। आम लोगों से अतिरिक्त वसूली रोकने के लिए सभी लोक मित्र केंद्रों में इन दरों की सूची प्रदर्शित होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले समय में उपमंडल स्तर पर भी जेसीसी की बैठकें आयोजित की जाएंगी।

छठे वेतन आयोग का मामला उठाया
एनजीओ के इकाई प्रधान तिलक राज शर्मा ने छठे वेतन आयोग का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनवरी 2022 से सभी विभागों के लिए यह वेतन आयोग लागू कर दिया है, लेकिन लोनिवि के मेकेनिकल विंग के कर्मचारियों को अभी तक इस वेतन आयोग से वंचित रखा गया है, जोकि अन्यायपूर्ण है।
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