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Hamirpur (Himachal) News: अब पंचायत स्तर पर होगा स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर का पंजीकरण
Fri, 02 Oct 2026 01:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:14 AM IST
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हमीरपुर। स्वयं सहायता समूहों से जुड़े क्लस्टर के पंजीकरण की प्रक्रिया अब पंचायत स्तर पर होगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को पंजीकरण के लिए विकास खंड कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
पंचायत स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने से समय और आने-जाने का खर्च भी बचेगा। महिलाओं की मांग पर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी ने यह सुविधा शुरू की है।
पहले क्लस्टर का पंजीकरण विकास खंड कार्यालय में करवाना पड़ता था। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को इसके लिए अतिरिक्त समय निकालना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से पंजीकरण प्रक्रिया आसान होगी।
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क्लस्टर से संबंधित पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से देखा जा सकेगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड से पंजीकरण और संबंधित गतिविधियों की निगरानी में भी सुविधा होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं। जिलेभर में वर्तमान में 2738 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं।
एक समूह में चार से सात महिलाएं कार्य कर रही हैं, जबकि 10 से 12 समूहों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया जाता है। पंचायत स्तर पर पंजीकरण की सुविधा मिलने से इन समूहों की महिलाओं को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में सहूलियत होगी और घरद्वार के नजदीक आवश्यक सुविधा मिल सकेगी।
कोट
महिलाओं की सहूलियत के लिए सुविधा प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें कार्य करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर
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पंचायत स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने से समय और आने-जाने का खर्च भी बचेगा। महिलाओं की मांग पर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी ने यह सुविधा शुरू की है।
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पहले क्लस्टर का पंजीकरण विकास खंड कार्यालय में करवाना पड़ता था। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को इसके लिए अतिरिक्त समय निकालना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से पंजीकरण प्रक्रिया आसान होगी।
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क्लस्टर से संबंधित पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसे आसानी से देखा जा सकेगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड से पंजीकरण और संबंधित गतिविधियों की निगरानी में भी सुविधा होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं। जिलेभर में वर्तमान में 2738 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं।
एक समूह में चार से सात महिलाएं कार्य कर रही हैं, जबकि 10 से 12 समूहों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया जाता है। पंचायत स्तर पर पंजीकरण की सुविधा मिलने से इन समूहों की महिलाओं को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में सहूलियत होगी और घरद्वार के नजदीक आवश्यक सुविधा मिल सकेगी।
कोट
महिलाओं की सहूलियत के लिए सुविधा प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें कार्य करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर