{"_id":"5d8e4c0f8ebc3e01802ea72d","slug":"science-need-for-man-hamirpur-hp-news-sml3090389171","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञान से जुड़ी मानव जरूरतें और उनके उपयोग के बारे में बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञान से जुड़ी मानव जरूरतें और उनके उपयोग के बारे में बताया
विज्ञापन
हमीरपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में शुक्रवार को रासायनिक विज्ञान से जुड़े अध्यापकों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन साइंस सिटी लखनऊ के मुखिया डॉ. राज मल्होत्रा ने किया। उनके साथ सीएसआईआर लखनऊ से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉक्टर आनंद अखलिया, हिमाचल प्रदेश विज्ञान राज्य प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला से वरिष्ठ वैज्ञानिक परनीता ठाकुर और रमेश ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञान पर्यवेक्षक हमीरपुर अश्वनी चंबियाल ने बताया है कि मॉडल से आवर्त सारिणी का 150 वर्ष पहले प्रस्तुत करना एक अद्भुत घटना थी। उनकी याद में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में जिला हमीरपुर के विभिन्न स्कूलों से अध्यापक और 60 बच्चे भाग ले रहे हैं। डॉ. आनंद अख्याल ने संसाधन विज्ञान से जुड़ी मानव की जरूरतें एवं उनके उपयोग व सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ तुलसी की उपयोगिता और उसके सेवन से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। डॉ. राज मल्होत्रा ने नाइट्रोजन और कंप्रेस्ड नाइट्रोजन गैस की विशेषताओं पर आधारित अनेक प्रयोग बच्चों और अध्यापकों के सामने किए तथा उनकी रासायनिक विज्ञान के प्रति ज्ञान में वृद्धि की। कार्यशाला में स्थानीय पाठशाला की प्रधानाचार्य मंजू शर्मा, रजनीश ठाकुर प्रवक्ता रसायन विज्ञान, नरदेव सिंह, राकेश, रॉकी, ओंकार सिंह, दिनेश शर्मा, पूनम शर्मा, इंदु पठानिया, पूनम कुमारी, प्रवीण पटियाल, निशि भोगल, रजनीश शर्मा, आरती, गरिमा शर्मा, पूजा शर्मा, साहिल सहित 60 अध्यापक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञान पर्यवेक्षक हमीरपुर अश्वनी चंबियाल ने बताया है कि मॉडल से आवर्त सारिणी का 150 वर्ष पहले प्रस्तुत करना एक अद्भुत घटना थी। उनकी याद में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में जिला हमीरपुर के विभिन्न स्कूलों से अध्यापक और 60 बच्चे भाग ले रहे हैं। डॉ. आनंद अख्याल ने संसाधन विज्ञान से जुड़ी मानव की जरूरतें एवं उनके उपयोग व सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ तुलसी की उपयोगिता और उसके सेवन से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। डॉ. राज मल्होत्रा ने नाइट्रोजन और कंप्रेस्ड नाइट्रोजन गैस की विशेषताओं पर आधारित अनेक प्रयोग बच्चों और अध्यापकों के सामने किए तथा उनकी रासायनिक विज्ञान के प्रति ज्ञान में वृद्धि की। कार्यशाला में स्थानीय पाठशाला की प्रधानाचार्य मंजू शर्मा, रजनीश ठाकुर प्रवक्ता रसायन विज्ञान, नरदेव सिंह, राकेश, रॉकी, ओंकार सिंह, दिनेश शर्मा, पूनम शर्मा, इंदु पठानिया, पूनम कुमारी, प्रवीण पटियाल, निशि भोगल, रजनीश शर्मा, आरती, गरिमा शर्मा, पूजा शर्मा, साहिल सहित 60 अध्यापक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन