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तीन दिन के अवकाश पर गए राजस्व अधिकारी, लोग परेशान
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राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के कारण खाली पड़ा तहसील परिसर हमीरपुर।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ इकाई हमीरपुर पिछले 12 दिन से काले बिल्ले लगाकर सरकार के प्रति अपना विरोध जताने के बाद अब शनिवार से तीन दिन कैजुअल लीव पर चले गए हैं। इसके चलते शनिवार को तहसील कार्यालय हमीरपुर, भोरंज, बड़सर, नादौन, सुजानपुर और टौणीदेवी समेत अन्य उपतहसीलों में कोई कामकाज नहीं हुआ। कार्यालय में अधिकारियों के न मिलने से यहां अपने राजस्व से संबंधित काम करवाने आए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, शनिवार को बारिश के चलते जिलाभर में बहुत कम लोग अपने घर से बाहर निकले, लेकिन बारिश के बावजूद जो लोग अपने काम के लिए तहसील पहुंचे उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्व अधिकारी संघ के हित में कोई भी फैसला न होने पर स्टेट कॉल के आधार पर प्रदेश के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार 24 और 26 सितंबर तक तीन दिन की कैजुअल लीव पर रहेंगे।
ऐसे में लोगों के मंगलवार से ही राजस्व संबंधी कार्य पूरे हो पाएंगे। हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ इकाई हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. अशोक पठानिया ने बताया कि प्रदेश के सभी तहसीलों में तहसीलदार व नायब तहसीलदार तीन दिनों तक कैजुअल लीव पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी संघ लंबित और वास्तविक मांगों को लेकर सरकार के समक्ष कई बार उठाता आया है, लेकिन अभी तक इन पर प्रदेश सरकार कोई अमल नहीं कर पाई है। ऐसे में मजबूर होकर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 12 सितंबर से काले बिल्ले लगाकर काम करने का फैसला लेना पड़ा। डॉ. अशोक पठानिया ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि शायद कैबिनेट में उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन उसमें भी निराशा ही हाथ लगी है। ऐसे में स्टेट कॉल के आह्वान पर प्रदेश के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार तीन दिनों की सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। उनकी मुख्य मांगों में एचएएस पदों के लिए पदोन्नति कोटा 25 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी किया जाए। राजस्व अधिकारियों के लिए वाहनों की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में 113 तहसीलों के 20 तहसीलदारों के पास ही अपने वाहन हैं, जबकि अन्य तहसीलदारों को बिना वाहन के काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। रजिस्ट्रेशन भत्ता 2,000 से 5,000 रुपये किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो संघ कड़े कदम उठाने को मजबूर होगा।
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हालांकि, शनिवार को बारिश के चलते जिलाभर में बहुत कम लोग अपने घर से बाहर निकले, लेकिन बारिश के बावजूद जो लोग अपने काम के लिए तहसील पहुंचे उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्व अधिकारी संघ के हित में कोई भी फैसला न होने पर स्टेट कॉल के आधार पर प्रदेश के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार 24 और 26 सितंबर तक तीन दिन की कैजुअल लीव पर रहेंगे।
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ऐसे में लोगों के मंगलवार से ही राजस्व संबंधी कार्य पूरे हो पाएंगे। हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ इकाई हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. अशोक पठानिया ने बताया कि प्रदेश के सभी तहसीलों में तहसीलदार व नायब तहसीलदार तीन दिनों तक कैजुअल लीव पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी संघ लंबित और वास्तविक मांगों को लेकर सरकार के समक्ष कई बार उठाता आया है, लेकिन अभी तक इन पर प्रदेश सरकार कोई अमल नहीं कर पाई है। ऐसे में मजबूर होकर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 12 सितंबर से काले बिल्ले लगाकर काम करने का फैसला लेना पड़ा। डॉ. अशोक पठानिया ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि शायद कैबिनेट में उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन उसमें भी निराशा ही हाथ लगी है। ऐसे में स्टेट कॉल के आह्वान पर प्रदेश के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार तीन दिनों की सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। उनकी मुख्य मांगों में एचएएस पदों के लिए पदोन्नति कोटा 25 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी किया जाए। राजस्व अधिकारियों के लिए वाहनों की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में 113 तहसीलों के 20 तहसीलदारों के पास ही अपने वाहन हैं, जबकि अन्य तहसीलदारों को बिना वाहन के काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। रजिस्ट्रेशन भत्ता 2,000 से 5,000 रुपये किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो संघ कड़े कदम उठाने को मजबूर होगा।
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