फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Recovery of loan of Rs 5 crore from the owner of a prestigious mall

Hamirpur (Himachal) News: प्रतिष्ठित मॉल की मालकिन से पांच करोड़ के ऋण की उगाही

Tue, 21 May 2024 07:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2024 07:54 PM IST
विज्ञापन
एक मुश्त ऋण निपटान योजना के तहत डिफॉल्टर महिला ने जमा करवाई ऋण की राशि
विज्ञापन


एक मुश्त लोन जमा करवाने पर दी गई ब्याज की छूट, तीन करोड़ के लगभग जमा करवाया

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला की ओर से केसीसी बैंक शाखा के पांच करोड़ के बड़े ऋण की उगाही की गई है। यह ऋण हमीरपुर शहर की एक प्रतिष्ठित मॉल की मालकिन महिला की ओर से लिया गया था। ऋण लेने के बाद से महिला ने ऋण की किस्तें अदा नहीं की थीं। दो साल से ऋण की उगाही का मामला बैंक में चल रहा है। दो साल से मामले में लोन उगाही के प्रयास सहकारिता विभाग की ओर से किए जा रहे थे। सहकारिता विभाग दो साल तक मध्यस्थता करता रहा लेकिन ऋण की उगाही नहीं हुई। इसके बाद बैंक की ओर से सहकारिता विभाग समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला को अक्तूबर 2023 में ऋण की रिकवरी के लिए लिखित तौर पर आवेदन किया था। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू हुई।

कांगड़ा सहकारी बैंक शाखा हमीरपुर में ऋण की एक भी किस्त बैंक में जमा नहीं करवाई गई थी। डिफॉल्टर को विभाग की ओर से चार से पांच बार नोटिस जारी किए गए। जिस महिला के नाम पर यह ऋण था, वह पेशी में नहीं आ रही थी, लेकिन गारंटर (जमानतदाता) विभाग के समक्ष पेश हो रहे थे। ऋण की उगाही न होने पर विभाग ने भू राजस्व अधिनियम 1954 का हवाला देकर जल्द ऋण वापसी का अल्टीमेटम दिया। डिफॉल्टर महिला सहित गारंटर पति और पिता की जमीन को कुर्क करने के लिए विभाग ने जमीन को चिह्नित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली थी। जिसके बाद एक मुश्त ऋण निपटान योजना के तहत ब्याज माफी के तहत तीन करोड़ के करीब ऋण महिला की ओर से वापस किया गया है। यह राशि कांगड़ा सहकारी बैंक की शाखा हमीरपुर में जमा करवा दी गई है।
विज्ञापन






कोट

समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला प्रत्यूष चौहान ने कहा कि महिला ऋणदाता की ओर से ऋण अदा नहीं किया जा रहा है। बैंक से शिकायत मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है। गारंटर विभाग की चार से पांच पेशी में हाजिर हुए। इसके बाद एक मुश्त ऋण निपटान योजना के तहत पांच करोड़ के इस ऋण की उगाही हुई। योजना के तहत ऋण दाता को ब्याज माफ किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed