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Hamirpur (Himachal) News: शस्त्रीय संगीत, कत्थक और भरतनाट्यम की दीं प्रस्तुतियां
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केवि हमीरपुर में राष्ट्रीय एकता पर्व के अंतर्गत शुरू हुआ दो दिवसीय समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में शनिवार को राष्ट्रीय एकता पर्व के अंतर्गत एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव के दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ हुआ। समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य सुनील चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समारोह में गुरुग्राम संभाग के बंगाणा संकुल के अंतर्गत आने वाले छह विद्यालयों के 200 प्रतिभागी विभिन्न सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं (समूह नृत्य, समूह गान, लोकगायन, लोक-नृत्य, नाटक, शास्त्रीय-नृत्य, शास्त्रीय-गायन, आर्ट फैक्ट्स, प्रोजेक्ट, डायमेनशनल-खिलौने बनाना) में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता पर्व की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कहा कि पर्व का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय सांस्कृतिक विविधता की समझ विकसित करता है। समारोह के प्रथम दिन सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के अंतर्गत समूह नृत्य, समूह गान, लोक गायन, लोक नृत्य, नाटक, शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय गायन का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने भारत की विविधता के प्रतीक विभिन्न शास्त्रीय व लोक नृत्यों जैसे- गिद्दा, पहाड़ी नाटी, कत्थक, भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। नन्हे कलाकारों ने केरल लोकगायन, हिमाचली लोकगीत व शस्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ के साथ अन्य स्कूलों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में शनिवार को राष्ट्रीय एकता पर्व के अंतर्गत एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव के दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ हुआ। समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य सुनील चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समारोह में गुरुग्राम संभाग के बंगाणा संकुल के अंतर्गत आने वाले छह विद्यालयों के 200 प्रतिभागी विभिन्न सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं (समूह नृत्य, समूह गान, लोकगायन, लोक-नृत्य, नाटक, शास्त्रीय-नृत्य, शास्त्रीय-गायन, आर्ट फैक्ट्स, प्रोजेक्ट, डायमेनशनल-खिलौने बनाना) में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता पर्व की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कहा कि पर्व का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय सांस्कृतिक विविधता की समझ विकसित करता है। समारोह के प्रथम दिन सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के अंतर्गत समूह नृत्य, समूह गान, लोक गायन, लोक नृत्य, नाटक, शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय गायन का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने भारत की विविधता के प्रतीक विभिन्न शास्त्रीय व लोक नृत्यों जैसे- गिद्दा, पहाड़ी नाटी, कत्थक, भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। नन्हे कलाकारों ने केरल लोकगायन, हिमाचली लोकगीत व शस्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ के साथ अन्य स्कूलों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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