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Hamirpur (Himachal) News: पांच सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा देने की तैयारी
Thu, 03 Jul 2025 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:48 AM IST
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हमीरपुर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए पांच अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा देने के लिए तैयारी की जा रही है। इन अस्पतालों में सुजानपुर, भोरंज, बड़सर, नादौन और टौणी देवी अस्पताल शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर इन अस्पतालों से डायलिसिस सुविधा आरंभ करने के लिए संभाव्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट मांगी है। यदि योजना सिरे चढ़ती है तो मरीजों को इसका खासा लाभ होगा। उन्हें सरकारी संस्थानों में भी सुविधा मिल सकती है। इससे मरीजों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।
अभी मौजूदा समय में जिला हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ तीन निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डायलिसिस की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में डायलिसिस के लिए अधिक भीड़ होती है। इस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में मरीजों को अधिक फीस चुकानी पड़ती है। कई बार मरीजों को जिला के बाहर भी डायलिसिस के लिए जाना पड़ता है।
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डायलिसिस रक्त शोधन की एक कृत्रिम विधि होती है। इस डायलिसिस की प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है, जब किसी व्यक्ति के गुर्दे सही से काम नहीं कर रहे होते हैं। यदि डायलिसिस रोगी के गुर्दे बदलकर नए गुर्दे लगाने हों, तो डायलिसिस की प्रक्रिया अस्थाई होती है। यदि रोगी के गुर्दे इस स्थिति में न हों कि उसे प्रत्यारोपित किया जाए, तो डायलिसिस अस्थायी होती है, जिसे आवधिक किया जाता है।
कोट
सुजानपुर, भोरंज, बड़सर, नादौन और टौणी देवी अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू होगी। संबंधित अस्पताल प्रबंधन से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में देखा जाएगा कि अस्पतालों के पास सुविधा देने के लिए आवश्यक स्थान सहित अन्य सुविधाएं हैं कि नहीं।
-डॉ. अजय कुमार, कार्यकारी सीएमओ, हमीरपुर
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स्वास्थ्य विभाग की ओर इन अस्पतालों से डायलिसिस सुविधा आरंभ करने के लिए संभाव्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट मांगी है। यदि योजना सिरे चढ़ती है तो मरीजों को इसका खासा लाभ होगा। उन्हें सरकारी संस्थानों में भी सुविधा मिल सकती है। इससे मरीजों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।
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अभी मौजूदा समय में जिला हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ तीन निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डायलिसिस की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में डायलिसिस के लिए अधिक भीड़ होती है। इस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में मरीजों को अधिक फीस चुकानी पड़ती है। कई बार मरीजों को जिला के बाहर भी डायलिसिस के लिए जाना पड़ता है।
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डायलिसिस रक्त शोधन की एक कृत्रिम विधि होती है। इस डायलिसिस की प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है, जब किसी व्यक्ति के गुर्दे सही से काम नहीं कर रहे होते हैं। यदि डायलिसिस रोगी के गुर्दे बदलकर नए गुर्दे लगाने हों, तो डायलिसिस की प्रक्रिया अस्थाई होती है। यदि रोगी के गुर्दे इस स्थिति में न हों कि उसे प्रत्यारोपित किया जाए, तो डायलिसिस अस्थायी होती है, जिसे आवधिक किया जाता है।
कोट
सुजानपुर, भोरंज, बड़सर, नादौन और टौणी देवी अस्पताल में डायलिसिस सुविधा शुरू होगी। संबंधित अस्पताल प्रबंधन से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में देखा जाएगा कि अस्पतालों के पास सुविधा देने के लिए आवश्यक स्थान सहित अन्य सुविधाएं हैं कि नहीं।
-डॉ. अजय कुमार, कार्यकारी सीएमओ, हमीरपुर