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बिगड़ती खानपान की आदतें बिगाड़ रहीं सेहत : डॉ. अक्षय
Thu, 15 Oct 2026 02:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:31 AM IST
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आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी ग्वालपत्थर में मरीज के स्वास्थ्य की जांच करते डॉ. अक्षय। संवाद
हमीरपुर। बदलती जीवनशैली और खानपान की अनियमित आदतों का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। ग्वालपत्थर स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में रोजाना शुगर और ब्लड प्रेशर से पीड़ित करीब आठ से दस मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
डिस्पेंसरी की मासिक ओपीडी लगभग 350 से 400 है। यहां त्वचा रोगों से परेशान लोग भी उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षय ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, खानपान में लापरवाही और शारीरिक गतिविधियों की कमी सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
उन्होंने लोगों को संतुलित आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करवाएं और उपचार जारी रखें।
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बॉक्स
सांस और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की बढ़ेगी समस्या
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही सांस संबंधी बीमारियों और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। तापमान में गिरावट, ठंडी हवा और सुबह-शाम बढ़ती ठंड का असर विशेष रूप से अस्थमा, गठिया से पीड़ित मरीजों पर पड़ सकता है। ऐसे में बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. अक्षय ने बताया कि ठंड के मौसम में सांस की नलियां अधिक संवेदनशील हो सकती हैं, जिससे अस्थमा के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
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डिस्पेंसरी की मासिक ओपीडी लगभग 350 से 400 है। यहां त्वचा रोगों से परेशान लोग भी उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षय ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, खानपान में लापरवाही और शारीरिक गतिविधियों की कमी सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।
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उन्होंने लोगों को संतुलित आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित जांच करवाएं और उपचार जारी रखें।
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सांस और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की बढ़ेगी समस्या
सर्दियों का मौसम शुरू होते ही सांस संबंधी बीमारियों और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों की समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। तापमान में गिरावट, ठंडी हवा और सुबह-शाम बढ़ती ठंड का असर विशेष रूप से अस्थमा, गठिया से पीड़ित मरीजों पर पड़ सकता है। ऐसे में बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. अक्षय ने बताया कि ठंड के मौसम में सांस की नलियां अधिक संवेदनशील हो सकती हैं, जिससे अस्थमा के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।