फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Pooja became self-reliant by weaving her dreams into threads.

Hamirpur (Himachal) News: सपनों को धागों में पिरोकर आत्मनिर्भर बनी पूजा

Fri, 03 Apr 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Fri, 03 Apr 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Pooja became self-reliant by weaving her dreams into threads.
क्रोशिये से तैयार किया गया पर्स । संवाद - फोटो : ऊंचाहार के मनीरामपुर स्थित टेल के पास काटे गए पेड़।
हमीरपुर। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में जहां आज भी रोजगार के सीमित अवसर हैं, वहां ब्याड़ की पूजा सहोत्रा ने अपने हुनर के दम पर न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है।
विज्ञापन

पूजा ने मैक्रेम तकनीक को अपनाकर घर से ही कारोबार शुरू किया और आज हैंडक्राफ्ट सजावटी सामान के जरिए अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। उनकी यह पहल अब सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। शुरुआत में यह केवल एक शौक था, लेकिन धीरे-धीरे यह शौक उनके लिए रोजगार का जरिया बन गया।
विज्ञापन

उन्होंने इंटरनेट और अन्य माध्यमों से मैक्रेम की बारीकियां सीखीं और छोटे-छोटे प्रोडक्ट बनाकर अपने काम की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने वॉल हैंगिंग, टेबल मैट, प्लांट हैंगर, डेकोरेटिव आइटम और कई अन्य सजावटी सामान बनाना शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुरुआत में पूजा ने अपने उत्पादों को आसपास के लोगों और परिचितों के बीच बेचना शुरू किया। काम की गुणवत्ता और सुंदरता के चलते धीरे-धीरे उत्पादों के लिए ऑर्डर बढ़ने लगे और उनका काम गांव से बाहर तक पहचान बनाने लगा। आज पूजा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं।
इससे उन्हें न केवल ज्यादा ग्राहक मिल रहे हैं, बल्कि उनके काम को एक नई पहचान भी मिल रही है। उनकी इस सफलता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। मैक्रेम के साथ उन्होंने अब क्रोशिये और सिलाई के काम को शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि घर पर स्वयं के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे सकें।




बाक्स:
मैक्रेम
एक प्राचीन कला है, जिसमें धागों या रस्सियों को सूई के बजाय मुख्य रूप से गांठ लगाकर सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं। यह बहो स्टाइल की होम डेकोर, जैसे वॉल हैंगिंग, प्लांट हैंगर, टेबल रनर और कीचेन के लिए बहुत लोकप्रिय है। इसके लिए सूती धागे और लकड़ी के छल्लों का उपयोग किया जाता है।

क्रोशिये से तैयार किया गया पर्स । संवाद

क्रोशिये से तैयार किया गया पर्स । संवाद- फोटो : ऊंचाहार के मनीरामपुर स्थित टेल के पास काटे गए पेड़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed