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पीएचसी भोटा में शाम 4:00 बजे ही लटक रहा ताला, 24 घंटे की सेवाएं बंद
Fri, 04 Jul 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 04 Jul 2025 12:28 AM IST
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संजय धीमान, उप प्रधान, नगर पंचायत भोटा।
डेढ़ वर्ष से एक एमबीबीएस के सहारे है पूरे पीएचसी का कार्यभार, लोग हो रहे परेशान
स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 से 200 के करीब होती है ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा(हमीरपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा में मरीजों को उपचार करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि शाम 4:00 बजते ही स्वास्थ्य केंद्र के भवन पर ताला लटक जाता है, जिससे मरीजों को आपात स्थिति में दूर दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 से 200 के करीब ओपीडी रहती है। एक ही स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण यहां पर दो दर्जन पंचायतों के लोग उपचार व स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उपचार न मिलने से उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
पूर्व जयराम सरकार में इस स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा दिया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अस्पताल को डिनोटिफाई कर दिया। वर्तमान समय में इस स्वास्थ्य केंद्र में महज एक ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके चलते 24 घंटे सेवाएं यहां पर बंद कर दी गई हैं। पहले इस स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सक एक समय पर मौजूद रहा करते थे।
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वहीं, इससे पहले आपातकालीन वार्ड के साथ रात्रि सेवाएं भी जारी थीं। लेकिन, वर्तमान समय में इस अस्पताल की रात्रि सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उपचार न मिलने पर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
कोट्स
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. अजय अत्री, कार्यकारी, सीएमओ हमीरपुर
बाक्स:
भोटा और आसपास के क्षेत्र में अगर रविवार के दिन कोई बीमार हो जाए, तो उसे जिला अस्पताल हमीरपुर ही ले जाना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
-प्रीतम चंद, पूर्व बीडीसी सदस्य
स्वास्थ्य केंद्र में विभिन्न पचायतों से लोग उपचार करवाने के लिए आते हैं। शाम 4:00 बजे के बाद संस्थान के बंद होने से उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
-संजय धीमान, उपप्रधान, नगर पंचायत, भोटा
भोटा पीएचसी बिल्कुल एनएच से सटा हुआ है। आए दिन यहां पर सड़क हासदे में घायल लोग पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई इलाज नहीं मिल पता है, क्योंकि यहां की आपातकालीन सेवाएं बंद हैं।
- पंकज गुप्ता, सर्वहित रोगी सेवा सभा, भोटा
स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मशीनरी होने के बाद भी मरीजों को उपचार के लिए दूरदराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। स्टाफ न होने से स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिल पा रहा है।
-राकेश चंदेल, भोटा निवासी
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स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 से 200 के करीब होती है ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा(हमीरपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा में मरीजों को उपचार करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि शाम 4:00 बजते ही स्वास्थ्य केंद्र के भवन पर ताला लटक जाता है, जिससे मरीजों को आपात स्थिति में दूर दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 से 200 के करीब ओपीडी रहती है। एक ही स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण यहां पर दो दर्जन पंचायतों के लोग उपचार व स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उपचार न मिलने से उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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पूर्व जयराम सरकार में इस स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा दिया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अस्पताल को डिनोटिफाई कर दिया। वर्तमान समय में इस स्वास्थ्य केंद्र में महज एक ही चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके चलते 24 घंटे सेवाएं यहां पर बंद कर दी गई हैं। पहले इस स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सक एक समय पर मौजूद रहा करते थे।
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वहीं, इससे पहले आपातकालीन वार्ड के साथ रात्रि सेवाएं भी जारी थीं। लेकिन, वर्तमान समय में इस अस्पताल की रात्रि सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उपचार न मिलने पर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
कोट्स
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. अजय अत्री, कार्यकारी, सीएमओ हमीरपुर
बाक्स:
भोटा और आसपास के क्षेत्र में अगर रविवार के दिन कोई बीमार हो जाए, तो उसे जिला अस्पताल हमीरपुर ही ले जाना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
-प्रीतम चंद, पूर्व बीडीसी सदस्य
स्वास्थ्य केंद्र में विभिन्न पचायतों से लोग उपचार करवाने के लिए आते हैं। शाम 4:00 बजे के बाद संस्थान के बंद होने से उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
-संजय धीमान, उपप्रधान, नगर पंचायत, भोटा
भोटा पीएचसी बिल्कुल एनएच से सटा हुआ है। आए दिन यहां पर सड़क हासदे में घायल लोग पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें इस स्वास्थ्य केंद्र में कोई इलाज नहीं मिल पता है, क्योंकि यहां की आपातकालीन सेवाएं बंद हैं।
- पंकज गुप्ता, सर्वहित रोगी सेवा सभा, भोटा
स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मशीनरी होने के बाद भी मरीजों को उपचार के लिए दूरदराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। स्टाफ न होने से स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिल पा रहा है।
-राकेश चंदेल, भोटा निवासी

संजय धीमान, उप प्रधान, नगर पंचायत भोटा।

संजय धीमान, उप प्रधान, नगर पंचायत भोटा।

संजय धीमान, उप प्रधान, नगर पंचायत भोटा।