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Hamirpur (Himachal) News: स्वास्थ्य केंद्र डुगली में फार्मासिस्ट के पद को नहीं मिली स्वीकृति
Fri, 17 Jan 2025 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 17 Jan 2025 12:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस(हमीरपुर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि वर्षों पूर्व खुले आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में अभी तक पदों के लिए मंजूरी नहीं मिली है।
जिला में अक्तूबर 2002 में अधिसूचित हुए आयुष स्वास्थ्य केंद्र डुगली में मात्र आयुष चिकित्सक और दर्जाचार कर्मचारी का ही पद आनन-फानन में स्वीकृत हुआ था। लेकिन तब से लेकर अभी तक फार्मासिस्ट का पद स्वीकृत नहीं हो पाया है।
वहीं, वर्ष 2012 में हमीरपुर मुख्यालय के साथ सटे क्षेत्र में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खग्गल में केवल एक चिकित्सक का पद ही स्वीकृत हुआ है। अभी तक वहां पर किसी भी आयुष फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है।
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आयुष चिकित्सक वैसे तो नियमित सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन छुट्टी पर जाने से संस्थान मात्र दर्जाचार कर्मचारी के हवाले छोड़ना पड़ता है। वहीं, उपमंडल बड़सर में वर्ष 2017 में खुले स्वास्थ्य केंद्र दलचेहड़ा, चंबेह और टिक्कर राजपूतां में आयुष चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट व क्लास फोर का पद ही स्वीकृत ही नहीं हुआ है। आयुष स्वास्थ्य केंद्र दलचेहड़ा में एक करोड़ रुपये की धन राशि खर्च कर नया भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन नियमित स्टाफ न होने की वजह से विभाग उसे टेकओवर नहीं कर सका है।
क्षेत्रवासियों में विपिन कुमार, राजेश, हरदेव ने कहा कि प्रदेश सरकार को जिलाभर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों को स्वीकृत करवाकर उन्हें भरने की कवायद शुरू करनी चाहिए, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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रंगस(हमीरपुर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि वर्षों पूर्व खुले आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में अभी तक पदों के लिए मंजूरी नहीं मिली है।
जिला में अक्तूबर 2002 में अधिसूचित हुए आयुष स्वास्थ्य केंद्र डुगली में मात्र आयुष चिकित्सक और दर्जाचार कर्मचारी का ही पद आनन-फानन में स्वीकृत हुआ था। लेकिन तब से लेकर अभी तक फार्मासिस्ट का पद स्वीकृत नहीं हो पाया है।
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वहीं, वर्ष 2012 में हमीरपुर मुख्यालय के साथ सटे क्षेत्र में आयुष स्वास्थ्य केंद्र खग्गल में केवल एक चिकित्सक का पद ही स्वीकृत हुआ है। अभी तक वहां पर किसी भी आयुष फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है।
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आयुष चिकित्सक वैसे तो नियमित सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन छुट्टी पर जाने से संस्थान मात्र दर्जाचार कर्मचारी के हवाले छोड़ना पड़ता है। वहीं, उपमंडल बड़सर में वर्ष 2017 में खुले स्वास्थ्य केंद्र दलचेहड़ा, चंबेह और टिक्कर राजपूतां में आयुष चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट व क्लास फोर का पद ही स्वीकृत ही नहीं हुआ है। आयुष स्वास्थ्य केंद्र दलचेहड़ा में एक करोड़ रुपये की धन राशि खर्च कर नया भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन नियमित स्टाफ न होने की वजह से विभाग उसे टेकओवर नहीं कर सका है।
क्षेत्रवासियों में विपिन कुमार, राजेश, हरदेव ने कहा कि प्रदेश सरकार को जिलाभर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों को स्वीकृत करवाकर उन्हें भरने की कवायद शुरू करनी चाहिए, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।