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Hamirpur (Himachal) News: पेट्रोल-डीजल की आग से झुलसी जेब, 10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम
Sun, 24 May 2026 12:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 24 May 2026 12:47 AM IST
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अनिल शर्मा प्रधान रुद्रा टैक्सी यूनियन मैहरे
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। दस दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से अब इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर दिखाई देने लगा है। हमीरपुर जिले में पेट्रोल के दाम 98.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 90.68 रुपये प्रतिलीटर तक पहुंच गए हैं।
लगातार बढ़ते दामों का असर टैक्सी चालकों, गृहिणियों और बस संचालकों पर साफ दिखाई दे रहा है। जिले में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है।
मध्यम वर्ग पर इसका सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल अब 100 रुपये के आंकड़े से मात्र 1.27 रुपये दूर रह गया है, जबकि डीजल भी 90 रुपये से ऊपर पहुंच चुका है। पहले जहां दोपहिया वाहन चालक 500 रुपये के पेट्रोल में अपना काम चला लेते थे, अब उन्हें लगभग 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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जिले में उपभोक्ताओं को करीब चार रुपये प्रति लीटर अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। टैक्सी चालकों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ा है, क्योंकि ईंधन महंगा होने के बावजूद उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
टैक्सी चालकों का कहना है कि उनके किराये सात वर्ष पहले 15 रुपये प्रति किलोमीटर तय किए गए थे, जबकि पिछले वर्षों में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ रहा है।
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हमीरपुर। दस दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से अब इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर दिखाई देने लगा है। हमीरपुर जिले में पेट्रोल के दाम 98.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 90.68 रुपये प्रतिलीटर तक पहुंच गए हैं।
लगातार बढ़ते दामों का असर टैक्सी चालकों, गृहिणियों और बस संचालकों पर साफ दिखाई दे रहा है। जिले में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है।
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मध्यम वर्ग पर इसका सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल अब 100 रुपये के आंकड़े से मात्र 1.27 रुपये दूर रह गया है, जबकि डीजल भी 90 रुपये से ऊपर पहुंच चुका है। पहले जहां दोपहिया वाहन चालक 500 रुपये के पेट्रोल में अपना काम चला लेते थे, अब उन्हें लगभग 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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जिले में उपभोक्ताओं को करीब चार रुपये प्रति लीटर अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। टैक्सी चालकों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ा है, क्योंकि ईंधन महंगा होने के बावजूद उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
टैक्सी चालकों का कहना है कि उनके किराये सात वर्ष पहले 15 रुपये प्रति किलोमीटर तय किए गए थे, जबकि पिछले वर्षों में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ रहा है।

अनिल शर्मा प्रधान रुद्रा टैक्सी यूनियन मैहरे

अनिल शर्मा प्रधान रुद्रा टैक्सी यूनियन मैहरे

अनिल शर्मा प्रधान रुद्रा टैक्सी यूनियन मैहरे

अनिल शर्मा प्रधान रुद्रा टैक्सी यूनियन मैहरे