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Hamirpur (Himachal) News: लरहाणा में स्मार्ट बिजली मीटर का लोगों ने किया विरोध
Sat, 28 Feb 2026 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:25 AM IST
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गांव लरहाणा में आयोजित बैठक में मौजूद पेंशनर व अन्य। स्रोत : जागरूक पाठक
गांव लरहाणा में बैठक कर जताया रोष, कहा- अपने घरों में नहीं लगने देंगे स्मार्ट मीटर
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयेक-2025 के विरोध में गांव लरहाणा में बैठक की गई। बैठक में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि वह घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।
बैठक में लरहाणा, रौहीं, धिरवीं और जख्योल के ग्रामीणों ने भाग लिया। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 केवल मात्र बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने व अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं पर थोपना उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। उनके हितों पर कुठाराघात है।
स्मार्ट मीटर से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी छिन सकती है। निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक व ट्राई-वैक्टर मीटरों को कबाड़ में फेंका जा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, पेंशनरों व प्रदेश हित में बिजली बोर्ड लिमिटेड को प्रयोगशाला बनाना बंद किया जाए। वहीं, अन्य वक्ताओं ने गांववासियों को संबोधित करते हुए स्मार्ट मीटर का विरोध किया। बिजली बोर्ड से उनके घरों में स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की।
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भोरंज (हमीरपुर)। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयेक-2025 के विरोध में गांव लरहाणा में बैठक की गई। बैठक में स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि वह घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।
बैठक में लरहाणा, रौहीं, धिरवीं और जख्योल के ग्रामीणों ने भाग लिया। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक-2025 केवल मात्र बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने व अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के मकसद से लाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं पर थोपना उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। उनके हितों पर कुठाराघात है।
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स्मार्ट मीटर से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी छिन सकती है। निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक व ट्राई-वैक्टर मीटरों को कबाड़ में फेंका जा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों, पेंशनरों व प्रदेश हित में बिजली बोर्ड लिमिटेड को प्रयोगशाला बनाना बंद किया जाए। वहीं, अन्य वक्ताओं ने गांववासियों को संबोधित करते हुए स्मार्ट मीटर का विरोध किया। बिजली बोर्ड से उनके घरों में स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की।
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