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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Patients increased in the Department of Orthopedics and Medicine of Medical College, knock of malaria too

मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग और मेडिसिन विभाग में बढ़े रोगी, मलेरिया की भी दस्तक

Sun, 18 Jul 2021 08:06 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 08:06 PM IST
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हमीरपुर। कोरोना की दूसरी लहर के बाद डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में हड्डी और मेडिसिन विभाग के रोगियों में इजाफा हुआ है। इन दोनों विभागों की ओपीडी में ही रोजाना साढ़े तीन सौ से चार सौ मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं।
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मेडिसिन विभाग में हाल ही में एक मलेरिया का मामला भी सामने आया है। छत्तीसगढ़ से आए व्यक्ति की अस्पताल में जांच करने पर उसे मलेरिया निकला है।
हालांकि राहत की बात यह है कि यह मामला जिले के किसी हिस्से का नहीं है, अपितु छत्तीसगढ़ से आया है। चिकित्सकों ने मरीज को अस्पताल में उपचार दिया है, उसकी सेहत में सुधार है। इसके अलावा बरसात के मौसम में उल्टी दस्त के मरीजों में भी इजाफा हुआ है।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में भी कमर, गर्दन, पीठ और घुटनों के दर्द के रोगी बढ़े हैं। ओपीडी में रोजाना 150 से दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अन्य घायल भी अधिक मात्रा में ओपीडी में पहुंच रहे हैं। 15 दिन में घास काटने वाले टोके से चार लोग घायल हुए हैं। इनके हाथ ही उंगलियों में चोटें आई हैं। एक बच्ची का हाथ कटने पर हाल ही में पीजीआई चंडीगढ़ में उसकी सर्जरी कर हाथ जोड़ा गया है। यह मामला भी यहीं से रेफर हुआ था। इसके अलावा अन्य मामले ऐेसे हैं जिनमें हाथ और उंगलियां घास के टोके की जद में आई और हड्डियां कट गई हैं।
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शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें : डॉ. बाबेश
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. बाबेश बरवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ से आए युवक को मलेरिया निकला है। उसे उपचार देकर घर भेज दिया गया है। बरसात के मौसम में लोग पानी उबाल कर पीएं और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें। घास और जंगल में जाने पर शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। बरसात में उल्टी, दस्त की भी शिकायत अधिक आ रही है। बीमार होने पर चिकित्सक को दिखाएं।

घास काटने वाले टोके के इस्तेमाल के समय बरतें सावधानी: डॉ. संजय
हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि हड्डी रोगियों में आजकल कमर, पीठ, गर्दन और घुटनों के दर्द के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनके अलावा घास के टोके से घायल हुए मरीज भी अधिक आ रहे हैं। बीते दिनों चार ऐसे गंभीर घायल अस्पताल आए हैं। उन्होंने लोगों सेे सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में पसीना अधिक पड़ता है। गर्मी के कारण पानी की कमी भी हो जाती है, जिससे शरीर की दर्दें बढ़ती हैं, लोग अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
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