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पेपर लीक मामला : आरोपियों की जमानत पर सुनवाई 17 को
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हमीरपुर। भंग होने से पूर्व हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित पोस्ट कोड 970 जेई सिविल पेपर लीक मामले में अब आरोपियों की जमानत अर्जी पर जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर में 17 नवंबर को बहस होगी। वीरवार को इस मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की ओर से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अदालत में अपना पक्ष रखा। एसआईटी ने अदालत में कहा कि इस मामले में सभी आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
इसके अलावा अदालत में इस मामले में अन्य दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। एसआईटी की ओर से दिए गए जवाब के बाद अदालत ने अब 17 नवंबर को आरोपियों की जमानत अर्जी पर बहस की तारीख तय की है। एसआईटी ने 17 जून 2023 को पोस्ट कोड 970 जेई सिविल पेपर लीक मामले में भंग हो चुके चयन आयोग के पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर, अभ्यर्थी मुकेश कुमार, अभ्यर्थी के पिता रणजीत सिंह, बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसआईटी की ओर से की गई जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद मुख्य आरोपी उमा आजाद के खिलाफ भी इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। अभ्यर्थी मुकेश कुमार, अभ्यर्थी के पिता रणजीत सिंह, बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार ने एसआईटी की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थी। लेकिन, उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने 13 अक्तूबर को जमानत देने से इंकार कर दिया। इस पर इन तीनों आरोपियों ने 18 अक्तूबर को विजिलेंस थाना हमीरपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उमा समेत इन चारों आरोपियों को पुलिस रिमांड और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वर्तमान में यह चारों न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। उधर, एसपी विजिलेंस मंडी राहुल नाथ ने कहा कि एसआईटी ने वीरवार को हमीरपुर न्यायालय में अपना पक्ष रखा है। जमानत पर न्यायालय में अब 17 नवंबर को बहस होगी।
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इसके अलावा अदालत में इस मामले में अन्य दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। एसआईटी की ओर से दिए गए जवाब के बाद अदालत ने अब 17 नवंबर को आरोपियों की जमानत अर्जी पर बहस की तारीख तय की है। एसआईटी ने 17 जून 2023 को पोस्ट कोड 970 जेई सिविल पेपर लीक मामले में भंग हो चुके चयन आयोग के पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर, अभ्यर्थी मुकेश कुमार, अभ्यर्थी के पिता रणजीत सिंह, बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसआईटी की ओर से की गई जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद मुख्य आरोपी उमा आजाद के खिलाफ भी इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। अभ्यर्थी मुकेश कुमार, अभ्यर्थी के पिता रणजीत सिंह, बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार ने एसआईटी की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थी। लेकिन, उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने 13 अक्तूबर को जमानत देने से इंकार कर दिया। इस पर इन तीनों आरोपियों ने 18 अक्तूबर को विजिलेंस थाना हमीरपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद उमा समेत इन चारों आरोपियों को पुलिस रिमांड और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वर्तमान में यह चारों न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। उधर, एसपी विजिलेंस मंडी राहुल नाथ ने कहा कि एसआईटी ने वीरवार को हमीरपुर न्यायालय में अपना पक्ष रखा है। जमानत पर न्यायालय में अब 17 नवंबर को बहस होगी।
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