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पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला परिषद कर्मचारी संघ के समर्थन में निकाली रैली
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जिप कैडर कर्मचारियों के समर्थन में हमीरपुर शहर में रैली निकालते विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। जिला परिषद कैडर कर्मचारी एवं अधिकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए हमीरपुर ब्लॉक की सभी 31 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को हमीरपुर शहर में रैली निकालकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधियों ने संघ की मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस हड़ताल की वजह से पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ की मांगें मानने के बजाय सरकार की ओर से ग्राम पंचायत चौकीदारों को पंचायत सचिव का जिम्मा दिया जाना गलत निर्णय है। भाजपा सरकार को हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगे नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए। जिला परिषद कैडर कर्मचारी एवं अधिकारी 25 जून से पेन डाउन हड़ताल पर हैं। ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग में सेवाओं का विलय उनकी मुख्य मांग है। प्रदेश में जिला परिषद कैडर के तहत करीब 4,700 कर्मचारी पिछले दो दशक से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने उनका विभाग में विलय नहीं किया है।
हड़ताल के चलते प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिस कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दडूही पंचायत की प्रधान ऊषा बिरला, बस्सी झनियारा पंचायत के प्रधान रतन चंद, उपप्रधान ओम प्रकाश, नारा पंचायत प्रधान सरोज कुमार, धलोट पंचायत के उपप्रधान पवन कुमार, वार्ड सदस्य रीना देवी, वासुदेव समेत 36 से अधिक प्रतिनिधियों ने कहा कि जिला परिषद कैडर कर्मचारियों एवं अधिकारियों की हक की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं।
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जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस हड़ताल की वजह से पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ की मांगें मानने के बजाय सरकार की ओर से ग्राम पंचायत चौकीदारों को पंचायत सचिव का जिम्मा दिया जाना गलत निर्णय है। भाजपा सरकार को हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगे नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए। जिला परिषद कैडर कर्मचारी एवं अधिकारी 25 जून से पेन डाउन हड़ताल पर हैं। ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग में सेवाओं का विलय उनकी मुख्य मांग है। प्रदेश में जिला परिषद कैडर के तहत करीब 4,700 कर्मचारी पिछले दो दशक से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने उनका विभाग में विलय नहीं किया है।
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हड़ताल के चलते प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिस कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दडूही पंचायत की प्रधान ऊषा बिरला, बस्सी झनियारा पंचायत के प्रधान रतन चंद, उपप्रधान ओम प्रकाश, नारा पंचायत प्रधान सरोज कुमार, धलोट पंचायत के उपप्रधान पवन कुमार, वार्ड सदस्य रीना देवी, वासुदेव समेत 36 से अधिक प्रतिनिधियों ने कहा कि जिला परिषद कैडर कर्मचारियों एवं अधिकारियों की हक की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं।
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