{"_id":"6102ee188ebc3e5844258113","slug":"opposition-to-orders-to-deposit-electricity-bills-in-depots-hamirpur-hp-news-sml3786026102","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिपुओं में बिजली बिल जमा करने के आदेशों का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिपुओं में बिजली बिल जमा करने के आदेशों का विरोध
विज्ञापन
हमीरपुर। प्रदेश डिपो संचालक समिति ने पीडीएस डिपुओं के माध्यम से बिजली बिल जमा करवाने के सरकार के आदेशों की कड़ी निंदा की है। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि सरकार डिपो संचालकों को आए दिन तुगलकी फरमान जारी कर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है।
बिजली उपभोक्ता जब लोक मित्र केंद्र में अपना बिजली बिल जमा करवाते थे तो लोक मित्र केंद्र संचालक को प्रति बिल पांच रुपये दिए जाते थे। डिपो संचालकों को बिना किसी शुल्क के बिजली के बिल जमा करने के आदेश देकर सरकार डिपो संचालकों का शोषण करने पर उतारू हो गई है। अशोक कवि ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले भी कोरोना के दौरान डिपो संचालकों से मिड-डे-मील के राशन का वितरण लाभार्थियों को करवाया।
जबकि, यह काम शिक्षकों का था। अभी हाल ही में राशनकार्ड धारकों की जानकारी जुटाने के आदेश डिपो संचालकों को दिए गए। जबकि यह काम भी पंचायती राज विभाग का था। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार हमारी लंबित मांगें मानने के बजाय हमें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। यदि सरकार ने इन आदेशों को शीघ्र वापस नहीं लिया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली उपभोक्ता जब लोक मित्र केंद्र में अपना बिजली बिल जमा करवाते थे तो लोक मित्र केंद्र संचालक को प्रति बिल पांच रुपये दिए जाते थे। डिपो संचालकों को बिना किसी शुल्क के बिजली के बिल जमा करने के आदेश देकर सरकार डिपो संचालकों का शोषण करने पर उतारू हो गई है। अशोक कवि ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले भी कोरोना के दौरान डिपो संचालकों से मिड-डे-मील के राशन का वितरण लाभार्थियों को करवाया।
विज्ञापन
जबकि, यह काम शिक्षकों का था। अभी हाल ही में राशनकार्ड धारकों की जानकारी जुटाने के आदेश डिपो संचालकों को दिए गए। जबकि यह काम भी पंचायती राज विभाग का था। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार हमारी लंबित मांगें मानने के बजाय हमें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। यदि सरकार ने इन आदेशों को शीघ्र वापस नहीं लिया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
विज्ञापन