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Hamirpur (Himachal) News: चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी सेवाएं ठप
Sat, 27 Dec 2025 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:10 AM IST
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक।
हमीरपुर। इंडिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में डॉक्टर को बर्खास्त करने पर चिकित्सकों ने सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया है। शुक्रवार को जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी सेवाएं ठप रही हैं। मरीजों को केवल आपातकालीन सेवाओं में इलाज मिला।
इस दौरान कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। हालांकि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी और मेडिकल सेवाएं जारी रहीं। चिकित्सक को बर्खास्त करने के विरोध में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। जिले में पांच सिविल अस्पताल और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 32 पीएचसी हैं।
पीएचसी में मरीजों को आपातकालीन सेवाओं की सुविधा नहीं मिली। सुबह मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन व प्रोफेसर ने गेट मीटिंग की। सरकार की ओर से चिकित्सक को बर्खास्त करने के निर्णय को अन्यायपूर्ण बताया गया है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. राकेश ने बताया कि बर्खास्त चिकित्सक को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। सही तरीके से जांच नहीं की गई और तुरंत फैसला कर दिया गया। गौर रहे कि कुछ दिन पहले आईजीएमसी में चिकित्सक और मरीज के बीच मारपीट हुई थी। उसके उपरांत आरोपी चिकित्सक को बर्खास्त कर दिया गया था।
चिकित्सकों की कुर्सियां रहीं खाली, मरीजों करते रहे इंतजार
सिविल अस्पतालों में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रहीं। हालांकि कई मरीजों को सामूहिक अवकाश की जानकारी थी, लेकिन कई मरीजों को जानकारी नहीं थी। इस कारण वह इलाज के लिए पहुंचे तो थे, लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिला। हड़ताल के कारण मरीजों के टेस्ट नहीं हुए हैं। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
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इस दौरान कई मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। हालांकि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ओपीडी और मेडिकल सेवाएं जारी रहीं। चिकित्सक को बर्खास्त करने के विरोध में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। जिले में पांच सिविल अस्पताल और दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 32 पीएचसी हैं।
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पीएचसी में मरीजों को आपातकालीन सेवाओं की सुविधा नहीं मिली। सुबह मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन व प्रोफेसर ने गेट मीटिंग की। सरकार की ओर से चिकित्सक को बर्खास्त करने के निर्णय को अन्यायपूर्ण बताया गया है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. राकेश ने बताया कि बर्खास्त चिकित्सक को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। सही तरीके से जांच नहीं की गई और तुरंत फैसला कर दिया गया। गौर रहे कि कुछ दिन पहले आईजीएमसी में चिकित्सक और मरीज के बीच मारपीट हुई थी। उसके उपरांत आरोपी चिकित्सक को बर्खास्त कर दिया गया था।
चिकित्सकों की कुर्सियां रहीं खाली, मरीजों करते रहे इंतजार
सिविल अस्पतालों में चिकित्सकों की कुर्सियां खाली रहीं। हालांकि कई मरीजों को सामूहिक अवकाश की जानकारी थी, लेकिन कई मरीजों को जानकारी नहीं थी। इस कारण वह इलाज के लिए पहुंचे तो थे, लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिला। हड़ताल के कारण मरीजों के टेस्ट नहीं हुए हैं। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक।

डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक।

डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में काले बिल्ले लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक।