{"_id":"673c9a85cdb9addd090ee0cc","slug":"one-year-imprisonment-to-the-person-guilty-of-keeping-chitta-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-141252-2024-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: चिट्टा रखने के दोषी को एक साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: चिट्टा रखने के दोषी को एक साल का कारावास
Wed, 20 Nov 2024 07:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 20 Nov 2024 07:31 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। अपर सत्र न्यायाधीश हमीरपुर सचिन रघु की अदालत ने चिट्टा रखने के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी विक्रांत पठानिया निवासी गांव सेर स्वाहल, पोस्ट ऑफिस मोहिं को अदालत ने एक वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
16 फरवरी 2022 को लगभग 12:30 बजे, रेन शेल्टर के पास भट्ठा स्थान में विक्रांत पठानिया से 5.71 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस थाना नादौन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले की पैरवी उप जिला अटॉर्नी राहुल चोपड़ा और सहायक लोक अभियोजक हमीरपुर विशाल दीपक की ओर से की गई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए 12 गवाहों पेश किए गए हैं। साक्ष्य के निष्कर्ष पर और अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी विक्रांत पठानिया को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया और सजा सुनाई। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत एक वर्ष का कारावास एवं दस हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर चार माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
16 फरवरी 2022 को लगभग 12:30 बजे, रेन शेल्टर के पास भट्ठा स्थान में विक्रांत पठानिया से 5.71 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस थाना नादौन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले की पैरवी उप जिला अटॉर्नी राहुल चोपड़ा और सहायक लोक अभियोजक हमीरपुर विशाल दीपक की ओर से की गई है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए 12 गवाहों पेश किए गए हैं। साक्ष्य के निष्कर्ष पर और अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी विक्रांत पठानिया को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया और सजा सुनाई। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत एक वर्ष का कारावास एवं दस हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर चार माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन