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एक अध्यापक, एक कमरा और पांच कक्षाएं..कैसे होगी पढ़ाई
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प्राथमिक स्कूल लगमन्वीं में एक कमरा होने के कारण विद्यार्थी बाहर बैठ शिक्षा ग्रहण करते हुए।
- फोटो : Hamirpur-HP
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भोरंज (हमीरपुर)। शिक्षा खंड भोरंज के तहत पड़ती राजकीय प्राथमिक पाठशाला लगमन्वी में पांच कक्षाओं के लिए महज एक कमरा है। यही नहीं इन पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए भी स्कूल में केवल एक ही अध्यापक है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, बल्कि उन्हें छत और बरामदे में बैठना पड़ रहा है। अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए स्कूल में मूलभूत सुविधाएं देने और खाली पद भरने की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूल में सुविधाएं नहीं दी गईं तो वह बच्चों को निजी या किसी अन्य स्कूल में दाखिल करवाने के लिए मजबूर होंगे।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला लगमन्वी में पांच कक्षाओं में करीब 35 छात्र हैं। इस स्कूल में दो कमरे हैं। इनमें से एक स्टाफ रूम है, जबकि दूसरा पांच कक्षाओं के लिए एकमात्र कमरा है। सर्दियों में तो छत पर धूप में कक्षाएं लगाई जा रही हैं, लेकिन गर्मियों और बरसात में विद्यार्थियों को बैठने तक की जगह नहीं है। एक ही कमरे में सभी कक्षाएं होने से जहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बच्चों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
अभिभावकों चिरंजी लाल, शशि देवी, सुमना देवी, प्रियंका, संजीव, रत्नी देवी, चमन लाल, रजनीश, अशोक, वीना देवी ने बताया कि कमरे न होने से बच्चों को बाहर बैठना पड़ रहा है और एक अध्यापक होने से पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने सुविधा देने की मांग की है, अन्यथा वह बच्चों को अन्य स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए मजबूर होंगे। इस बारे में बीईईओ भोरंज सुखदेव सिंह का कहना है कि कमरे कम होने की रिपोर्ट अध्यापक से मंगवाई गई है और अध्यापक का पद खाली होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला लगमन्वी में पांच कक्षाओं में करीब 35 छात्र हैं। इस स्कूल में दो कमरे हैं। इनमें से एक स्टाफ रूम है, जबकि दूसरा पांच कक्षाओं के लिए एकमात्र कमरा है। सर्दियों में तो छत पर धूप में कक्षाएं लगाई जा रही हैं, लेकिन गर्मियों और बरसात में विद्यार्थियों को बैठने तक की जगह नहीं है। एक ही कमरे में सभी कक्षाएं होने से जहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बच्चों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
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अभिभावकों चिरंजी लाल, शशि देवी, सुमना देवी, प्रियंका, संजीव, रत्नी देवी, चमन लाल, रजनीश, अशोक, वीना देवी ने बताया कि कमरे न होने से बच्चों को बाहर बैठना पड़ रहा है और एक अध्यापक होने से पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने सुविधा देने की मांग की है, अन्यथा वह बच्चों को अन्य स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए मजबूर होंगे। इस बारे में बीईईओ भोरंज सुखदेव सिंह का कहना है कि कमरे कम होने की रिपोर्ट अध्यापक से मंगवाई गई है और अध्यापक का पद खाली होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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