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Hamirpur (Himachal) News: शिष्यों की परीक्षा की दहलीज पर गुरु कार्यशालाओं में सीखेंगे पढ़ाई के तरीके
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हमीरपुर। सरकारी स्कूलों के शिष्यों के पांव परीक्षा की दहलीज पर हैं और गुरु कार्यशालाओं में पढ़ाने की नई तकनीकों के गुर सीखेंगे। वार्षिक परीक्षाओं में एक माह से भी कम समय बचा है लेकिन शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं रख दी हैं। कार्यशालाओं का शेड्यूल वार्षिक परीक्षाओं के दौरान ही तय किया गया है। ऐसे में अब स्कूलों में शिक्षक असमंजस में हैं कि कार्यशालाओं में भाग लें या स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाएं। कार्यशालाएं समग्र शिक्षा और स्टार्स प्रोजेक्ट के तहत रखी गई हैं। इन कार्यशालाओं का आयोजन शैक्षणिक सत्र 2023-24 के अंत में आनन-फानन में किया जा रहा है।
इसका खामियाजा स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। ये कार्यशालाएं जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर में 12 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक आयोजित होंगी। इनमें नए शिक्षकों के लिए प्रेरणा शुरुआती प्रशिक्षण, प्राथमिक स्कूल प्रमुखों के लिए छह अलग-अलग चरणों में स्कूल एवं पढ़ाई के सामान्य मुद्दों पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित होंगी। अध्यापकों नरेश शर्मा, यशवीर, राकेश, जीवन कुमार, ईशा, निशा, सुमन कुमारी आदि ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं को एक माह से भी कम समय शेष है। ऐसे में शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का होना शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी करवाएं या कार्यशालाओं में प्रशिक्षण लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष सत्र के अंत में शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर दी जाती हैं। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा सके और शिक्षकों को विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने में नई तकनीकें सिखाई जा सकें। कार्यशालाएं प्रदेशभर के सभी जिलों में आयोजित की जा रही है।
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अनिल कुमार कौशल, उपनिदेशक, उच्चत्तर शिक्षा विभाग हमीरपुर।
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इसका खामियाजा स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। ये कार्यशालाएं जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर में 12 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक आयोजित होंगी। इनमें नए शिक्षकों के लिए प्रेरणा शुरुआती प्रशिक्षण, प्राथमिक स्कूल प्रमुखों के लिए छह अलग-अलग चरणों में स्कूल एवं पढ़ाई के सामान्य मुद्दों पर प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित होंगी। अध्यापकों नरेश शर्मा, यशवीर, राकेश, जीवन कुमार, ईशा, निशा, सुमन कुमारी आदि ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं को एक माह से भी कम समय शेष है। ऐसे में शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का होना शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी करवाएं या कार्यशालाओं में प्रशिक्षण लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष सत्र के अंत में शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर दी जाती हैं। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा सके और शिक्षकों को विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने में नई तकनीकें सिखाई जा सकें। कार्यशालाएं प्रदेशभर के सभी जिलों में आयोजित की जा रही है।
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अनिल कुमार कौशल, उपनिदेशक, उच्चत्तर शिक्षा विभाग हमीरपुर।