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हमीरपुर जिले के 40 प्राइमरी स्कूलों को खामियों को लेकर नोटिस जारी
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हमीरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षक बंक मारते हुए पकड़े गए हैं। जबकि कुछ स्कूल स्टाफ को तो छुट्टी बताकर गए लेकिन अवकाश की अर्जी स्कूल हेड से मंजूर नहीं निकली। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने हमीरपुर जिला के 40 प्राइमरी स्कूलों को खामियों को लेकर नोटिस जारी किया है।
विभाग ने यह नोटिस शिक्षा विभाग के उपनिदेशक निरीक्षण विंग की रिपोर्ट को आधार मानकर भेजे हैं। उपनिदेशक प्रारंभिक ने जिला के खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग कर इन खामियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि कमियों को दूर का संबंधित स्कूलों में सौहार्दपूर्ण माहौल स्थापित किया जा सके।
मिड-डे-मील राशन और भोजन पकाने की राशि का उचित वितरण न होना, स्टॉक रजिस्टर में खामियां, सामान खरीदारी रजिस्टर और एसएसए रिकॉर्ड भी सही नहीं पाया। एक शिक्षक ने तो अभी तक कोविड वैक्सीन ही नहीं लगाई है। कुछ शिक्षक बंक मारते पाए गए। शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण विंग की इस रिपोर्ट से कई शिक्षकों को हलचल मच गई है। पूर्व के सालों में भी जब निरीक्षण विंग ने इस तरह की कार्रवाई की थी तो कई शिक्षकों ने शिक्षक संघों का सहारा लेकर संबंधित विंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया दिया था।
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अब एक बार फिर से ऐसे हालात पैदा हो गए हैं। तो वहीं विद्यार्थियों के अभिभावकों ने निरीक्षण विंग की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि निरीक्षण टीम की रिपोर्ट में दर्शायी खामियों को दूर करने के लिए संज्ञान लिया जाए। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। क्योंकि सरकार मिड-डे-मील, सर्व शिक्षा अभियान और अन्य योजनाओं के तहत सरकारी स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हर साल करोड़ों का बजट खर्च कर रही हैं।
रिपोर्ट में ये कमियां बताईं
अगस्त 2021 के बाद एमडीएम डाइट मनी और राशन वितरण नहीं हो पाया। स्टॉक वेरिफिकेशन का काम नहीं हुआ। स्कूल परिसर में गंदगी फैलना। एसएसए के तहत खरीदी सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में प्रवृष्टियां नहीं और बिलों की प्रवृष्टियां भी नहीं कीं। सैनिटाइजेशन कमेटियों का गठन नहीं किया। परीक्षा परिणाम रजिस्टरों में पेंसिल से अधूरी प्रवृष्टियां। टीचर डायरी पर प्रवृष्टियां नहीं। वुमन सेक्सुअल हरासमेंट कमेटियों का गठन नहीं किया। स्कूलों में माइक्रो प्लान नहीं मिले। क्लासरूम की खराब हालत। स्कूलों में विद्यार्थी बिना मास्क पाए गए।
बिझड़ी ब्लॉक में एक अध्यापक स्कूल से बिना बताए गायब पाया गया। भोरंज के एक स्कूल में निरीक्षण विंग की टीम के साथ एक शिक्षक ने दुर्व्यवहार किया। जबकि भोरंज के ही एक अन्य स्कूल में शिक्षक दो दिन के अवकाश पर था, जिसका अवकाश की अर्जी स्वीकृत नहीं थी। नियमों के विपरीत आरटीजीएस के बजाय मिड डे मील भोजन पकाने की राशि नकद दी गई। नादौन ब्लॉक के एक जेबीटी शिक्षक ने कोविड वैक्सीन नहीं लगाई है अभी तक। हमीरपुर ब्लॉक के एक स्कूल में अध्यापक और विद्यार्थी सभी बिना मास्क के पाए गए। स्कूल भवन भी असुरक्षित पाया गया।
जिला के छह शिक्षा खंडों के अंतर्गत आने वाली राजकीय पाठशालाओं में खामियों की रिपोर्ट मिली है। संबंधित शिक्षा खंडों को इन कमियों को शीघ्र दूर कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-संजय कुमार ठाकुर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।
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विभाग ने यह नोटिस शिक्षा विभाग के उपनिदेशक निरीक्षण विंग की रिपोर्ट को आधार मानकर भेजे हैं। उपनिदेशक प्रारंभिक ने जिला के खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग कर इन खामियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि कमियों को दूर का संबंधित स्कूलों में सौहार्दपूर्ण माहौल स्थापित किया जा सके।
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मिड-डे-मील राशन और भोजन पकाने की राशि का उचित वितरण न होना, स्टॉक रजिस्टर में खामियां, सामान खरीदारी रजिस्टर और एसएसए रिकॉर्ड भी सही नहीं पाया। एक शिक्षक ने तो अभी तक कोविड वैक्सीन ही नहीं लगाई है। कुछ शिक्षक बंक मारते पाए गए। शिक्षा उपनिदेशक निरीक्षण विंग की इस रिपोर्ट से कई शिक्षकों को हलचल मच गई है। पूर्व के सालों में भी जब निरीक्षण विंग ने इस तरह की कार्रवाई की थी तो कई शिक्षकों ने शिक्षक संघों का सहारा लेकर संबंधित विंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया दिया था।
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अब एक बार फिर से ऐसे हालात पैदा हो गए हैं। तो वहीं विद्यार्थियों के अभिभावकों ने निरीक्षण विंग की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि निरीक्षण टीम की रिपोर्ट में दर्शायी खामियों को दूर करने के लिए संज्ञान लिया जाए। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। क्योंकि सरकार मिड-डे-मील, सर्व शिक्षा अभियान और अन्य योजनाओं के तहत सरकारी स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हर साल करोड़ों का बजट खर्च कर रही हैं।
रिपोर्ट में ये कमियां बताईं
अगस्त 2021 के बाद एमडीएम डाइट मनी और राशन वितरण नहीं हो पाया। स्टॉक वेरिफिकेशन का काम नहीं हुआ। स्कूल परिसर में गंदगी फैलना। एसएसए के तहत खरीदी सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में प्रवृष्टियां नहीं और बिलों की प्रवृष्टियां भी नहीं कीं। सैनिटाइजेशन कमेटियों का गठन नहीं किया। परीक्षा परिणाम रजिस्टरों में पेंसिल से अधूरी प्रवृष्टियां। टीचर डायरी पर प्रवृष्टियां नहीं। वुमन सेक्सुअल हरासमेंट कमेटियों का गठन नहीं किया। स्कूलों में माइक्रो प्लान नहीं मिले। क्लासरूम की खराब हालत। स्कूलों में विद्यार्थी बिना मास्क पाए गए।
बिझड़ी ब्लॉक में एक अध्यापक स्कूल से बिना बताए गायब पाया गया। भोरंज के एक स्कूल में निरीक्षण विंग की टीम के साथ एक शिक्षक ने दुर्व्यवहार किया। जबकि भोरंज के ही एक अन्य स्कूल में शिक्षक दो दिन के अवकाश पर था, जिसका अवकाश की अर्जी स्वीकृत नहीं थी। नियमों के विपरीत आरटीजीएस के बजाय मिड डे मील भोजन पकाने की राशि नकद दी गई। नादौन ब्लॉक के एक जेबीटी शिक्षक ने कोविड वैक्सीन नहीं लगाई है अभी तक। हमीरपुर ब्लॉक के एक स्कूल में अध्यापक और विद्यार्थी सभी बिना मास्क के पाए गए। स्कूल भवन भी असुरक्षित पाया गया।
जिला के छह शिक्षा खंडों के अंतर्गत आने वाली राजकीय पाठशालाओं में खामियों की रिपोर्ट मिली है। संबंधित शिक्षा खंडों को इन कमियों को शीघ्र दूर कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-संजय कुमार ठाकुर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।