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मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए नहीं होगा निजी भूमि का अधिग्रहण : निशांत
Sat, 20 Jun 2026 01:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:00 AM IST
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बन्ह गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर भूमि अधिग्रहण की जानकारी देते एसडीएम निशांत शर्मा। संवाद
रंगस(हमीरपुर)। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप स्थित बन्ह गांव में शुक्रवार को भूमि अधिग्रहण को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने की।
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए क्षेत्र की 800 से 900 कनाल सरकारी भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। अतिरिक्त आवश्यकता के लिए सरकारी एवं वन विभाग की भूमि उपलब्ध है, जिससे कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी।
एसडीएम ने बताया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत स्थानीय स्तर पर अधिग्रहण अधिकारी एसडीएम ही होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी द्वारा ग्रामीणों को निजी भूमि अधिग्रहण के लिए नहीं कहा गया है और न ही इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आदेश जारी हुआ है।
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उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण ग्रामीणों में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। भूमि अधिग्रहण से पहले भू-स्वामियों के साथ बातचीत और सहमति के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी शंका के समाधान के लिए सीधे एसडीएम कार्यालय से संपर्क करें।
बैठक के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों की अन्य समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। गौरतलब है कि निजी भूमि अधिग्रहण की आशंका के चलते बन्ह गांव के ग्रामीण हाल ही में शिमला में मुख्यमंत्री से मिले थे और लिखित रूप में निजी भूमि अधिग्रहण न करने की मांग की थी।
इस अवसर पर जोलसप्पड़ पंचायत के उपप्रधान यशपाल सिंह, रंगस पंचायत के उपप्रधान फांदी खान, प्रदीप कुमार, मोहिंद्र सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए क्षेत्र की 800 से 900 कनाल सरकारी भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। अतिरिक्त आवश्यकता के लिए सरकारी एवं वन विभाग की भूमि उपलब्ध है, जिससे कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी।
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एसडीएम ने बताया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत स्थानीय स्तर पर अधिग्रहण अधिकारी एसडीएम ही होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी द्वारा ग्रामीणों को निजी भूमि अधिग्रहण के लिए नहीं कहा गया है और न ही इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आदेश जारी हुआ है।
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उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण ग्रामीणों में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। भूमि अधिग्रहण से पहले भू-स्वामियों के साथ बातचीत और सहमति के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी शंका के समाधान के लिए सीधे एसडीएम कार्यालय से संपर्क करें।
बैठक के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों की अन्य समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। गौरतलब है कि निजी भूमि अधिग्रहण की आशंका के चलते बन्ह गांव के ग्रामीण हाल ही में शिमला में मुख्यमंत्री से मिले थे और लिखित रूप में निजी भूमि अधिग्रहण न करने की मांग की थी।
इस अवसर पर जोलसप्पड़ पंचायत के उपप्रधान यशपाल सिंह, रंगस पंचायत के उपप्रधान फांदी खान, प्रदीप कुमार, मोहिंद्र सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।