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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 15 दिन में आए नौ सर्पदंश के मामले
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हमीरपुर। बरसात का मौसम में अब अस्पताल में सर्पदंश के केस पहुंचने लग पड़ हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पिछले 15 दिन के भीतर ही नौ के करीब सर्पदंश के मरीज उपचाराधीन हुए हैं। बरसात के जुलाई व अगस्त में ही ज्यादातर सर्पदंश के केस सामने आते हैं। खेतों में काम करने जाने वाले लोगों को ज्यादा सर्पदंश का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि अधिकतर समय किसान महिलाएं और पुरुष चप्पल में ही खेत चले जाते हैं। जबकि बरसात के इस सीजन में खेतों में बड़ी घास उगी हुई है। ऐसे में खेतों में सर्पदंश के अधिकतर मामले सामने आते हैं। वहीं, कई बार रात के अंधेरे में भी नंगे पांव चलने के कारण सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं।
वर्तमान में अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में पांच से छह मरीज दाखिल हैं, जिन्हें सर्पदंश के कारण दाखिल किया गया है। जबकि कुछेक का इलाज कर उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। वहीं, गत वर्ष भी सर्पदंश के 40 के करीब मामले सामने आए थे। जिसमें अधिकतर बरसात के मौसम में ही लोगों को सर्पदंश का शिकार होना पड़ा था। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नंगे पांव चलने से परहेज करें तथा किसान व बागवान खेतों में जाने के लिए उचित प्रबंधन करें क्योंकि घास में सांप के छिपे होने का पता नहीं चलता है। इसलिए पूरी सावधानी के साथ ही कार्य करें।
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वर्तमान में अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में पांच से छह मरीज दाखिल हैं, जिन्हें सर्पदंश के कारण दाखिल किया गया है। जबकि कुछेक का इलाज कर उन्हें वापस घर भेज दिया गया है। वहीं, गत वर्ष भी सर्पदंश के 40 के करीब मामले सामने आए थे। जिसमें अधिकतर बरसात के मौसम में ही लोगों को सर्पदंश का शिकार होना पड़ा था। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नंगे पांव चलने से परहेज करें तथा किसान व बागवान खेतों में जाने के लिए उचित प्रबंधन करें क्योंकि घास में सांप के छिपे होने का पता नहीं चलता है। इसलिए पूरी सावधानी के साथ ही कार्य करें।
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